हाथरस। पोषण अभियान के अंतर्गत जिला पोषण समिति, जिला निगरानी समिति तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का नियमित रूप से वजन एवं लंबाई माप कर पोषण ट्रैकर एप पर फीडिंग कराने तथा गर्भवती महिलाओं का समय-समय पर वजन एवं हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिष्ठान एवं रिट संबंधी मामलों तथा शासन को किए गए पत्राचार का विस्तृत विवरण पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे सभी संबंधित अधिकारियों को अद्यतन स्थिति की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुचिता पूर्ण ढंग से समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पदोन्नति से संबंधित मामलों में समय-समय पर शासन को सूचित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अर्बन क्षेत्र हाथरस एवं सहलाऊ में लाभार्थियों के आधार एवं मोबाइल नंबर सत्यापन तथा 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के वजन संबंधी डेटा फीडिंग में हसायन, सासनी एवं सादाबाद की प्रगति कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए। इसके अतिरिक्त सैमध्मैम बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्न लाभार्थियों का समस्त डेटा पोषण ट्रैकर एप पर अनिवार्य रूप से फीड कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन से संबंधित डेटा संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ब्लॉकवार डेटा संकलन कर त्रुटिरहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कितने केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसर में तथा कितने स्वयं के भवन में संचालित हैं, इसकी विस्तृत सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाए। साथ ही शासन द्वारा प्राप्त पोषाहार के वितरण एवं भंडारण का विवरण मानक के अनुरूप एवं समयबद्ध रूप से तैयार करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करें, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संभव अभियान, पोषण ट्रैकर एप, हॉट कुक्ड मील, कुपोषित बच्चों का प्रबंधन, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्पध्लर्निंग लैब तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के माध्यम से अति कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों को सुपोषित श्रेणी में लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सैमध्मैम बच्चों का चिन्हीकरण कर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का नियमित वजन एवं लंबाई माप कर डेटा पोषण ट्रैकर एप पर फीड किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले पुष्टाहार को मानक के अनुरूप उपलब्ध कराने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं लर्निंग लैब के अवशेष कार्यों को शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। अति कुपोषित बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सुपोषित किए जाने तथा गंभीर स्थिति वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश भी दिए गए।
श्रीमती सोनी कुमारी बाल विकास परियोजना अधिकारी हाथरस को ग्रामीण विभागीय योजनाओं एवं पोषण ट्रैकर ऐप पर उत्कृष्ट कार्य करने पर जिलाधिकारी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस, सीडीपीओ एवं आईसीडीएस के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
