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हाथरसः जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का रूटीन टीकाकरण कराये जाने के निर्देश दिए


हाथरस। जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की जनपद स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का रूटीन टीकाकरण कराये जाने के निर्देश दिए।  

जिला स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ओ0पी0डी0, आई0पी0डी0, अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे, पैथोलोजी, जननी सुरक्षा योजनाध्भुगतान, एफ0आर0यू0, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर0बी0एस0के0), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के संचालन, एम्बुलेंस 108, नेशनल एम्बुलेंस सेवा 102, पी0पी0पी0 परियोजना, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पी0सी0पी0एन0डी0टी0, आदि योजनाओ के प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को सीएचसी में प्रारम्भ किए गए आयरन सुक्रोज सप्ताह के सफल क्रियान्वयन हेतु मा0 जनप्रतिनिगणों कि सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यक्रम में माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिल सके। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सहपऊ में प्रगति कम होने पर आपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से किए गए भुगतान संबंधी प्रस्तुत रिपोर्ट संतोषजनक न होने पर सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण, बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जांच एवं विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रह जाए। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के प्रभावी संचालन, ग्रामीण स्तर पर कार्यरत आशा एवं एएनएम की कार्यप्रणाली, संस्थागत प्रसव, आभा आईडी, आशाओं के भुगतान आदि की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि संबंधित चिकित्साधिकारी प्रत्येक आशाध्एएनएम के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। आभा आईडी बनाने के कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय अधिकारियोंध् एम0ओ0आई0सी0 से कहा कि सुनिश्चित करें कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में ही हो। गर्भवती महिलाओं के प्रथम चरण से लेकर प्रसव उपरांत तक दिये जाने वाले लाभों तथा भुगतान ससमय कराने के निर्देश दिए। “महिलाओं एवं किशोरियों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर किए जाने हेतु सर्वप्रथम गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कराने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने हेतु आहार (डाइट) के संबंध में जागरूक करने तथा आवश्यकता अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने 108 और 112 एंबुलेंस सेवाओं को निर्धारित समय में मरीज तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में मरीज को उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी अधिकारी दायित्वबोध के साथ कार्य करें।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एम0ओ0आई0सी0 सहित अन्य संबंधित अधिकारीध्कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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