लखनऊ। शहर में गोमती नगर स्थित नगर निगम वर्कशॉप (आरआर) स्थित निर्माणाधीन नगर निगम मुख्यालय के नवीन भवन के कार्यों में हो रही देरी और बाधाओं को लेकर शुक्रवार सुबह महापौर सुषमा खर्कवाल ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में अवरोध बने पेट्रोल पंप को अब तक स्थानांतरित न किए जाने पर चीफ इंजीनियर आरआर मनोज प्रभात को कड़ी फटकार लगाई। इस मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार भी उपस्थित रहे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम की वर्कशॉप और उससे जुड़े पेट्रोल पंप को स्थानांतरित करने के निर्देश लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही दिए जा चुके थे, इसके बावजूद अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। महापौर ने सवाल उठाया कि जब समय रहते निर्णय ले लिया गया था, तो फिर क्रियान्वयन में इतनी लापरवाही क्यों बरती गई। उन्होंने कहा कि जब 16 जुलाई 2024 को नगर विकास मंत्री एके शर्मा द्वारा भूमि पूजन किया गया था और उसी वक्त जब पेट्रोल पंप को हटाने के निर्देश दिए गए थे तो अबतक यह कार्य क्यों नहीं हुआ। तत्कालीन नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह द्वारा भी अपनी तैनाती के दौरान भी कई बार इस पंप को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
महापौर ने बताया कि इस संबंध में सदन और कार्यकारिणी द्वारा भी प्रस्ताव पारित किया जा चुका था। इतना ही नहीं, चीफ इंजीनियर आरआर को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जब तक नई जगह पर पेट्रोल टंकी की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक डीजल और अन्य ईंधन की व्यवस्था किसी अन्य वैकल्पिक पंप से सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के नवीन मुख्यालय भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुचारु, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि जनहित के कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करती है। महापौर ने बताया कि नगर निगम मुख्यालय भवन के निर्माण का कार्य कर रही एजेंसी सीएनडीएस द्वारा इस मामले को लेकर उन्हें शिकायत की गई थी। एजेंसी का कहना था कि पेट्रोल पंप और वर्कशॉप के स्थानांतरण में देरी के कारण निर्माण कार्य तय समयसीमा के अनुसार आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने शुक्रवार को स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।
