आगरा। रंगों का पावन पर्व होली आपसी प्रेम, भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है। “नशा जो होता शराब में तो नाचती बोतल” जैसे व्यंग्यात्मक संदेश के साथ शहरवासियों से इस वर्ष नशा मुक्त होली मनाने की अपील की जा रही है। समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि होली का असली आनंद प्राकृतिक रंगों, मिठास भरे रिश्तों और हंसी-खुशी में है, न कि नशे में।
डॉ गरिमा गुप्ता ने कहा कि नशे के कारण हर वर्ष कई अप्रिय घटनाएं घटित होती हैं, जिससे त्योहार की खुशियां फीकी पड़ जाती हैं। यदि सभी लोग संयम और जिम्मेदारी के साथ होली मनाएं, तो यह पर्व समाज में सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बन सकता है। युवाओं से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे नशे से दूर रहकर परिवार और मित्रों के साथ सुरक्षित तरीके से होली का आनंद लें।
साथ ही नागरिकों से पर्यावरण के प्रति सजग रहने, पानी की बर्बादी रोकने और रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों के प्रयोग की भी अपील की गई है।
सभी शहरवासियों को होलीदृ2026 की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आयोजकों ने कहा कि आइए, इस बार होली को प्रेम, सौहार्द और नशा मुक्ति का संदेश देने वाला पर्व बनाए।
