संग्रामपुर: कागजों पर सिमटा स्वच्छता अभियान, गहरी नींद में सोया पंचायत विभाग
February 08, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जनपद के विकास खंड संग्रामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चक्रधरपुर तारापुर में स्वच्छता अभियान के दावों की जमीनी हकीकत सरकारी उदासीनता की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि ग्राम सभा की नालियां कूड़े-करकट और खरपतवार से इस कदर अटी पड़ी हैं कि जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। बजबजाती नालियों और दुर्गंध के कारण ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है, जो संक्रामक बीमारियों के फैलने की गंभीर चेतावनी दे रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि श्स्वच्छ भारत मिशनश् के तहत स्वच्छता के बड़े-बड़े दावों के बीच धरातल पर स्थिति इसके ठीक उलट है। ग्रामीण रामपाल, संदीप, उमेश, कुलदीप, अयोध्या प्रसाद, महेश, अरुण और पवन ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नालियों में जमा कचरा और जंगली घास इस बात का प्रमाण है कि महीनों से यहाँ सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से इस विषय पर गुहार लगाई, किंतु परिणाम शून्य रहा। यह समस्या केवल तारापुर तक सीमित नहीं है, बल्कि संग्रामपुर ब्लॉक की अधिकांश ग्राम पंचायतों में नालियों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है। जल निकासी अवरुद्ध होने के कारण दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है बल्कि क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। हमने कई बार स्थानीय प्रतिनिधियों और सचिव को अवगत कराया, लेकिन शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सिस्टम की इसी अनदेखी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इस संवेदनशील प्रकरण पर जब एडीओ पंचायत लाल शशिकांत से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, प्रकरण मेरे संज्ञान में आ चुका है। शीघ्र ही सफाई कर्मियों की विशेष टीम गठित कर ग्राम पंचायत में भेजी जाएगी और युद्धस्तर पर सफाई कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
