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प्रतापगढः बेल्हा में राजस्व न्यायालय ने कूटरचित अभिलेख दाखिल करने के मामलें में दोषियों पर दिया मुकदमा दर्ज कराने का आदेश, भूमाफियों सहित दोषियों में मचा हड़कंप


प्रतापगढ। प्रतापगढ़ जिले में एसडीएम न्यायालय ने राजस्व के मामलें में एक ऐसा ऐतिहासिक और दुर्लभ फैसला दिया है कि मामलें में दोषी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और वादी में हड़कंप मच गया गया है। एसडीएम सदर नैन्सी सिंह ने न्यायालय में कूटरचित कागजात दाखिल करके बेशकीमती जमीन को अपने नाम करवाने वाले व्यक्ति के पक्ष में पारित आदेश को निरस्त तो किया ही साथ ही साथ सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराने का आदेश दे दिया है। राजस्व न्यायालय द्वारा ऐसा ऐतिहासिक फैसला देने की चर्चा चारों ओर हो रही है।

सदर तहसील के ग्राम पूरे गरीबदास गांव के रहने वाले चन्द्र नाथ सुत स्व.श्याम सुंदर ने ग्राम सगरा स्थित भूमि गाटा संख्या गाटा संख्या 456 (0.295 हे.) को एसडीएम न्यायालय सदर में कूटरचित कागजातों के सहारे पूर्व के पीठासीन अधिकारी से मिलीभगत करके उनसे अपने पक्ष में आदेश करवाकर अपने नाम करा लिया था। मामलें की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन थी। इस बीच पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण हो जाने के बाद एसडीएम नैन्सी सिंह ने नोटिस जारी करके जब लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराने का आदेश दिया तो उन्होंने कहा कि न्यायालय में दाखिल आख्या उनके द्वारा नही भेजी गई है और न ही आख्या में उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। राजस्व कर्मियों द्वारा अपने हस्ताक्षर की मनाही करने के बाद एसडीएम नैन्सी सिंह ने पूर्व पीठासीन अधिकारी द्वारा चन्द्रनाथ के पक्ष में पारित आदेश को निरस्त करते हुए शून्य कर दिया तथा न्यायालय में कूटरचित प्रवृष्टि कराने वाले दोषी सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराने के साथ डीएम को विभागीय कार्यवाही करने का आदेश जारी किया है। एसडीएम सदर द्वारा ऐतिहासिक फैसला देने से राजस्व अधिकारियों सहित भूमाफियों में हड़कंप मचा हुआ है।


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