तिलोई/अमेठी। रविवार की सुबह मोहनगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पूरे घिसई मजरे लीही गांव निवासी किसान शिवप्रसाद पासी पुत्र श्रीनाथ(55 वर्ष)का रक्तरंजित शव मिलने से हड़कंप मच गया।बताया जा रहा है कि बदमाशों ने खेत की रखवाली करने के दौरान धारदार हथियार से किसान शिवप्रसाद की निर्मम हत्या की घटना को अंजाम दिए हैं।जानकारी के मुताबिक शिवप्रसाद शनिवार की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे खाना खाने के बाद खेत मे जानवरों से फसल की रखवाली करने गए थे।
बदमाशों ने खेत में वारदात को अंजाम देकर शव को करीब दो सौ मीटर दूर बने सुअर बारा (छप्पर)के नीचे चारपाई पर छोड़ हुए फरार,घटनास्थल पर मिली संदिग्ध वस्तुएं
रविवार की सुबह ग्रामीण जब खेतो की तरफ गए तो शिवप्रसाद का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा मिला।इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिजनों व पुलिस को दिया। सूचना पर पहुंची मोहनगंज पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम हेतु भेज जांच पड़ताल शुरू कर दी है।बहरहाल जिले के नवागंतुक एसपी सरवणन टी को जिले की सबसे बहादुर मोहनगंज पुलिस ने अपने क्षेत्र से जिले में पहली हत्या की वारदात से सलामी देकर अपनी लचर पुलिसिंग व्यवस्था का नमूना पेस कर दिया है। क्षेत्र में इसकी चर्चा जोर शोर से है।क्योंकि यह पहली घटना नहीं जिसने मोहनगंज पुलिस की कानून व्यवस्था की पोल खुली है,क्षेत्र में वह चाहे पूरे मुकुंद मजरे रमई गांव में स्थित मंदिर में हुई लाखों आभूषणों की चोरी हो या फिर भदमर गांव निवासिनी शिक्षिका से सोने की चैन स्नैचिंग की घटना या खानापुर चपरा गांव में किसान सुल्तान के घर नकदी समेत लाखों रूपए कीमती सोने चांदी के जेवरातों की चोरी हो ऐसी कई चर्चित घटनाएं आज भी पुलिस खुलासे की राह देख रही हैं।बाकी दर्जनों लीपापोती के मामले जनसामान्य में सो अलग जगजाहिर हैं।सूत्रों की मानें तो मोहनगंज प्रभारी राकेश सिंह घटनाओं के खुलासे पर कम, लीपापोती पर ज्यादा और अपना चार्ज बचाने के खातिर चरण चाटुकारिता पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बहरहाल किसान की निर्मम हत्या मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शव को पंचायतनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
