मसौली/बाराबंकी। ग्राम गोडवा गवारी स्थित आदि शक्ति दुर्गा मंदिर परिसर में चल रही पांच दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक रंजीतानंद महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य संवाद का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के बीच-बीच में गूंजते भजनों की मधुर धुन पर भक्त जमकर थिरके और पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया।
महाराज ने प्रसंग सुनाते हुए बताया कि नारद मुनि ने पार्वती के माता-पिता से कहा था कि आपकी पुत्री का विवाह एक बेघर और बेरूप योगी से होगा। यह सुनकर वे चिंतित हो उठे और योग्य वर की प्राप्ति का उपाय पूछा। तब नारद ने तपस्या का मार्ग बताया। माता पार्वती ने घोर तप कर भगवान शिव को ही पति रूप में प्राप्त किया। इस प्रसंग को सुनते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथावाचक ने आगे भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को अमर कथा सुनाने और तोते के रूप में शुकदेव जी के जन्म का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि जब शिव अमर कथा सुना रहे थे, तब एक तोता हुंकारी भर रहा था। शिव के त्रिशूल से बचने के लिए वह वेदव्यास आश्रम पहुंचकर उनकी पत्नी के गर्भ में चला गया और बारह वर्ष तक वहीं रहा। श्रीकृष्ण के आश्वासन पर जन्म लेकर वह वैराग्य भाव से वन को चला गया, लेकिन बाद में श्रीमद्भागवत का ज्ञान अर्जित कर राजा परीक्षित को अमृतमयी कथा सुनाई।कथा के दौरान वातावरण “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर पुजारी रामपाल, संतोष सागर, देशराज, विश्वनाथ, अमनराज, छोटेलाल, अजय मिश्रा, श्याम सुंदर, राजेश नारायण, मोनू रावत, कल्लू प्रसाद सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
