पीलीभीत। जनपद पीलीभीत में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मंगलवार को गांधी सभागार में सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी धर्मों के धार्मिक नेता, श्रद्धालु समुदाय के प्रतिनिधि, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर, मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल, बैंड पार्टी, डीजे, कैटरर्स, फोटोग्राफर एवं टेंट हाउस संचालक उपस्थित रहे।
बैठक का शुभारंभ जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों के स्वागत के साथ किया गया। उन्होंने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह में सम्मिलित या उसे कराने वाले व्यक्ति के लिए दो लाख रुपये तक का जुर्माना एवं एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने सभी उपस्थित सदस्यों को निर्देशित किया कि किसी भी विवाह आयोजन से पूर्व वर-वधू के आयु संबंधी दस्तावेज जैसे स्कूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड अथवा अन्य वैध अभिलेख अवश्य जांच लें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल या धार्मिक गुरु द्वारा बाल विवाह संपन्न कराया गया तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सभी थानों पर तैनात बाल कल्याण अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं, ताकि किसी भी स्थिति में बाल विवाह न होने पाए।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से संबंधित शपथ ली। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पूर्णिमा पांडेय सहित महिला कल्याण विभाग का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
