बीसलपुर। कांवरथी सेवा दल के तत्वावधान में नगर के अग्रवाल सभा भवन में आयोजित 18वें दहेज रहित सामूहिक विवाह महोत्सव में 21 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच परिणय सूत्र में बंध गए। इस अवसर पर नगर में गाजे-बाजे के साथ दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई, जिसका पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
सामूहिक विवाह समारोह में ग्राम नौगमा नबीनगर निवासी राजीव वर्मा का विवाह स्वाति देवी से, मोहल्ला खुशीमल पीलीभीत निवासी गौरव सैनी का विवाह शिवानी कश्यप से, काशीराम कॉलोनी पीलीभीत निवासी विकास का विवाह बीसलपुर के मोहल्ला दुवे निवासी काजल से, ग्राम चंदपुरा बीसलपुर निवासी सोमपाल का विवाह शाहजहांपुर जनपद के ग्राम पचपेड़ा निवासी निशा देवी से संपन्न हुआ।
इसी क्रम में ग्राम कल्याणपुर पीलीभीत निवासी प्रदीप कुमार का विवाह पूजा देवी से, नवाबगंज बरेली के ग्राम कुंवरपुर निवासी गंगेश कुमार का विवाह बीसलपुर के ग्राम सिमरा अकबरगंज निवासी पार्वती देवी से, शाहाबाद शाहजहांपुर निवासी डालचंद का विवाह कितनापुर निवासी शकुंतला देवी से, ग्राम ईटौआ शाहजहांपुर निवासी मोहित का विवाह बरेली के ग्राम बेवल बरकतपुर निवासी रिंकी देवी से कराया गया।
ग्राम कबीरपुर शाहजहांपुर निवासी शिवम का विवाह ग्राम अहीरपुर नगला निवासी तुलसी देवी से, बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम नूरानपुर निवासी गुलशन कुमार का विवाह सिमरा अकबरगंज की इशावती से, ग्राम खितौआ शाहजहांपुर निवासी राहुल का विवाह प्रेमवती से, अंकित कुमार का विवाह राजेश्वरी देवी से, शिव कुमार का विवाह प्रीति देवी से, सुशांत भारद्वाज का विवाह शीतल गंगवार से, राजेंद्र का विवाह शीला देवी से, अमित का विवाह शिवानी से, शिव कुमार का विवाह रेशमा देवी से, सुखलाल का विवाह सपना देवी से, शिवम का विवाह मौनी से, संजू कुमार का विवाह दामिनी देवी से तथा अरब गुप्ता का विवाह दीक्षा गुप्ता से संपन्न कराया गया।
विवाह की समस्त रस्में विद्वान पंडित विपिन कुमार पांडे एवं सूर्य प्रकाश मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत संपन्न कराई गईं।
सामूहिक विवाह समारोह को सफल बनाने में संस्था अध्यक्ष विजय ओम गुप्ता, मंत्री अनुज मित्तल, अवधेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, अनूप अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
विधान केसरी द्वारा विवाह समारोह में शामिल कुछ कन्याओं से बातचीत की गई। नवविवाहिता रेशमा देवी ने कहा कि सामूहिक विवाह से उनके परिवार को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली और बिना किसी परेशानी के विवाह संपन्न हुआ। वहीं प्रेमवती ने बताया कि उनके विवाह को लेकर परिवार चिंतित था, लेकिन इस आयोजन के माध्यम से सभी रस्में सरलता से पूरी हो गईं और किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई।
सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और दहेज प्रथा उन्मूलन की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
