पीलीभीत: अस्वीकृत किस्मों की बुवाई से नुकसान, मिल भी नहीं करती खरीद! किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह
February 22, 2026
पीलीभीत। किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर के ग्राम सबलापुर में आयोजित बसंतकालीन गन्ना किसान गोष्ठी में मुख्य गन्ना विकास सलाहकार, चीनी मिल संघ उ.प्र. डॉ. आर. सी. पाठक ने किसानों को वैज्ञानिक एवं उन्नत गन्ना खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए किसानों को रोग-कीट रहित प्रमाणित स्वस्थ बीज तथा वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित उन्नतशील गन्ना किस्मों की ही बुवाई करनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्वीकृत गन्ना किस्मों की खेती से न तो पर्याप्त चीनी प्राप्त होती है और न ही संतोषजनक उत्पादन मिलता है। ऐसी किस्मों को चीनी मिलें खरीदती भी नहीं हैं, जिससे किसानों को गन्ना लेकर वापस लौटना पड़ता है और आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ किसान अस्वीकृत किस्मों का सर्वे अगेती किस्मों में दर्ज कराते हैं, जो अंततः किसान और मिल दोनों के लिए नुकसानदायक सिद्ध होता है। जिला गन्ना अधिकारी पीलीभीत खुशी राम भार्गव ने कहा कि वर्तमान बसंतकालीन बुवाई का समय अत्यंत उपयुक्त है, इसलिए किसान प्रमाणित बीज और वैज्ञानिक सलाह अपनाकर अधिक उत्पादन व आय सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अपील की कि वे केवल स्वीकृत किस्मों की ही बुवाई करें तथा गन्ना आधारित सहफसली प्रणाली अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोशा-91269, पी.बी.-95, को-1148, बी.ओ.-91 जैसी अस्वीकृत किस्मों की बुवाई से बचें, क्योंकि इससे न केवल किसानों को नुकसान होता है बल्कि चीनी उद्योग की गुणवत्ता और उत्पादकता भी प्रभावित होती है। इस अवसर पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय श्रीवास्तव, मुख्य गन्ना अधिकारी अमित श्रीवास्तव, मुख्य रसायनविद टी. पी. पाल, सुरेश पाल सिंह, बादाम सिंह, कृष्ण देव बाजपेई, बहादुर सिंह, गुरभाग सिंह सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
