भेटुआ/अमेठी: 64 किलोग्राम भार वर्ग के रोमांचक मुकाबलों में ईशन्वी का सामना उन राज्यों की टीमों से था जिन्हें कुश्ती और शक्ति प्रदर्शन का गढ़ माना जाता है। ईशन्वी ने अदम्य साहस और बेजोड़ तकनीक का प्रदर्शन करते हुए हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे दिग्गजों को शिकस्त देकर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस जीत ने यह सिद्ध कर दिया कि अवसर मिलने पर अमेठी की बेटियां राष्ट्रीय पटल पर किसी भी चुनौती को ध्वस्त करने का सामर्थ्य रखती हैं।
भेटुआ ब्लॉक के छोटे से गांव श्री का पुरवा टिकरी की रहने वाली ईशन्वी राजर्षि रणजय सिंह ग्लोबल स्कूल की छात्रा हैं। ग्रामीण परिवेश की सादगी और खेल के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में उत्सव का माहौल है।
ईशन्वी की यह जीत केवल एक पदक नहीं है,बल्कि उन हजारों ग्रामीण बेटियों के सपनों की उड़ान है जो सीमाओं को लांघकर आसमान छूना चाहती हैं।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने ईशन्वी की इस विजय यात्रा को ऐतिहासिक बताया है। उनकी सफलता ने न केवल जनपद को गौरवान्वित किया है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के युवाओं और छात्रों के लिए एक लिविंग लेजेंड के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। क्षेत्रीय नागरिकों और खेल प्रेमियों का मानना है कि ईशन्वी की कलाई की ताकत ने आज अमेठी के गौरव को नई ऊंचाई दी है।
