प्रतापगढ। जिले में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। जनसुनवाई के दौरान अदमापुर (सण्डवा चन्द्रिका) निवासी मीरा देवी पत्नी स्वर्गीय पूर्णवासी हरिजन ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वह अत्यंत गरीब और भूमिहीन विधवा महिला हैं। उनके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं और परिवार के भरण-पोषण का कोई स्थायी साधन नहीं है। रहने के लिए पक्का मकान न होने के कारण वह एक छोटे से जर्जर छप्पर में बच्चों के साथ किसी तरह जीवन यापन कर रही हैं। मीरा देवी ने जिलाधिकारी से आवास एवं अन्त्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि पात्रता की जांच कर शीघ्र उनका अन्त्योदय कार्ड बनवाया जाए, ताकि उन्हें खाद्यान्न की नियमित सुविधा मिल सके। साथ ही खण्ड विकास अधिकारी सण्डवा चन्द्रिका को निर्देशित किया गया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन की समस्याओं का समाधान पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक समाधान के रूप में होना चाहिए। प्रत्येक प्रार्थना पत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवेदक को उसकी प्रगति से अवगत कराया जाए। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजन, वृद्धजन, विधवाओं एवं अन्य असहाय व्यक्तियों की शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।
