जानकारी के अनुसार सिद्धनगर निवासी कमलजीत कौर पत्नी बाबा सिंह का शव 14 फरवरी की रात उनके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला था। घटना के समय वह घर में अकेली थीं, जबकि उनकी बेटी रंजीत कौर और दामाद हरसिमरन सिंह गांव में ही आयोजित एक तिलक समारोह में गए हुए थे। समारोह से लौटने पर जब दोनों ने कमलजीत कौर को मृत अवस्था में देखा तो उनके होश उड़ गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। दामाद हरसिमरन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने विजय कुमार कंबोज पुत्र ज्वराराम तथा सर्वजीत सिंह उर्फ बिल्लू पुत्र प्यारा सिंह निवासी सिद्धनगर के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी।
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और संदिग्ध परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने संपत्ति पर कब्जा करने की योजना के तहत कमलजीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी थी ताकि रास्ता साफ हो सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। घटना का खुलासा होने के बाद गांव में लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं संपत्ति के लालच में की गई इस जघन्य वारदात को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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