हाथरस। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृण बनाये रखने एवं अभियोजन कार्यों, नार्को कोआर्डिनेशन सेन्टर मैकेनिज्म (छब्व्त्क्) समिति की बैठक जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए अभियोजन अधिकारियों को आपराधिक मामलों में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अपराध करने के पश्चात अपराधियों को सजा न मिलने पर उनका मनोबल बढ़ता है और आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होती है। जो समाज के लिए ठीक नहीं है। अपराधी किसी भी दशा में सजा पाने से वंचित नही रहना चाहिए। जिलाधिकारी ने गुण्डा एक्ट तथा गैंगस्टर के मामलों मे प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके। विभिन्न धाराओं के तहत लम्बित मामलों तथा गुण्डा एक्ट, महिला अपराधों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अभियोजन अधिकारियो को गम्भीर मामलों में रिहा हुए वादो की विवेचना कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियोजन मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि अभियोजन कार्यों के प्रभावी और पारदर्शी निष्पादन से न्याय की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने महिला अपराधों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। मुकदमों में प्रभावी तरीके से पैरवी की जाए, महिलाओं से संबंधित जो मुकदमे जैसे हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि घटनाओं का चार्ट अलग बनाया जाए। उन्होंने आपराधिक मामलों में लिप्त अपराधियों को सजा दिलाने हेतु न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी ढंग से पैरवी करने के लिये अभियोजन अधिकारियों को कडे निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्व-त्योहारों के अवसर पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका बढ़ जाती है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि जनपद में निरंतर सघन जांच अभियान चलाते हुए मिठाई, दूध, दुग्ध उत्पाद, तेल, घी, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की नियमित जांच कराई जाए तथा मिलावट पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दशा में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री न होने पाए।
जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को अवैध मदिरा की बिक्री एवं सेवन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग के संयुक्त समन्वय से नियमित चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि विद्यालयों के आसपास धूम्रपान एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की धूम्रपान सामग्री की दुकान संचालित न होने पाए। इस संबंध में निरंतर निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्रा अधिकारी पुलिस तथा संबंधित अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहें।
