जायस: नगर पालिका में शहरी आवास योजना चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट! गरीबों के हक पर खुली लूट, अपात्रो को मिल रहा सरकारी आवास
February 04, 2026
जायस/अमेठी सरकार ने शहरी आवास योजना के तहत गरीबों को पक्की छत देने के लिए हाल मे ही बजट बढ़ाते हुये प्रत्येक पात्र को आवास का पैसा उनके खाते पर डालने के लिये विभागीये अधिकारियों को निर्देश दिया था लेकिन जायस नगरपालिका परिषद में यह योजना गरीबों के लिए नहीं, बल्कि अमीरों और रसूखदारों के लिए “सरकारी तोहफा” बनती जा रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि नियमों को ताक पर रखकर एक ही परिवार को 3दृ4 आवास तक बांट दिए गए, जबकि असली जरूरतमंद आज भी दर-दर भटक रहे हैं सूत्रों के अनुसार,यह पूरा खेल बिना विभागीय जिन्मेदार के मिलीभगत से संभव नहीं हो सकता था सूत्रो की माने तो डूडा के कर्मचारी,व जांचकर्ता हल्का लेखपाल की कथित साठगांठ से अपात्रों को कागजों पर पात्र बना दिया गया आय प्रमाण पत्र, आवासीय स्थिति और जमीनी सत्यापन केवल फाइलों तक सीमित है । मौके पर जाकर जांच करने की जगह,पर हल्की सी अपना नजराना लेकर “टेबल पर बैठकर” पात्रता तय कर दी गई स्थानीय लोगों का कहना है कि जिनके पास पहले से ही दो मजिंला पक्के मकान, दुकानें गाडी और जमीनें मौजूद हैं वे भी सरकारी आवास के लाभार्थी बना दिए गए वहीं झोपड़ी में रहने वाले, किराये के मकान में गुजारा करने वाले गरीब परिवार सूची से बाहर आज भी दिखाई पड रहे है। मुख्य सवाल यह भी उठता है कि कई वर्डो मे तो एक ही मे कई आवासों का चैन हो चुका है। किस नियम के तहत एक ही परिवार मे तीन से चार आवास तक स्वीकृत किए गए जायस नगरपालिका में शहरी आवास योजना को लेकर उठा यह मामला अब जनहित और जवाब देही की बड़ी परीक्षा बन चुका है। देखना ये है कि विभागीय अधिकारी जांच करवा कर पात्र और आपत्रो की पहचान कर पाती है या यू ही जायस नगर पालिका मे भ्रष्टाचार होता रहेगा।
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