भेटुआ/अमेठी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद के भेटुआ विकासखंड अंतर्गत शिवगढ़ जलालपुर स्थित प्राचीन महादेवन धाम में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। सदियों पुरानी आस्था के इस केंद्र पर भोर की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।
मंदिर परिसर का वातावरण आज पूरी तरह शिवमय हो गया। श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, दुग्ध और पंचामृत के कलश लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते देखे गए। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों के बीच भक्तों ने शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रांगण में धूप और अगरबत्ती की सुगंध ने आध्यात्मिक परिवेश को और भी अलौकिक बना दिया।
धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की अटूट श्रद्धा आज स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। दर्शन के लिए पहुँचीं स्थानीय युवतियोंकृ शिखा, शिवानी, अंशिका, खुशी, कोमल और मुस्कान ने विधि-विधान से पूजन किया।
शिखा ने श्रद्धापूर्वक दुग्धाभिषेक करते हुए कहा, बाबा भोले के दरबार में जो भी सच्चे मन से आता है, उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। वहीं, शिवानी ने गंगाजल अर्पित कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।अंशिका,खुशी और कोमल ने सामूहिक रूप से जलाभिषेक करते हुए इस पर्व को लोक कल्याण का प्रतीक बताया।
प्राचीन महादेवन धाम केवल एक शिवालय नहीं, बल्कि अमेठी की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय समुदाय की अटूट आस्था का अक्षुण्ण प्रतीक है। महाशिवरात्रि के इस विशेष अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों के बीच भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार, इस धाम में स्थापित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही जीवन के कष्टों का निवारण होता है। आज उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आधुनिकता के दौर में भी सनातन परंपराएं और भक्ति की जड़ें समाज में अत्यंत गहरी हैं।
