आगरा। “आलोकनामा” केवल एक साहित्यिक शो नहीं, बल्कि उन असंख्य कलाकारों की संघर्षगाथा है, जो तपकर कुंदन बने हैं। इस अनूठे आयोजन को स्पाइसी सुगर्स संस्था की कर्मठ एवं साहित्य के प्रति समर्पित दो सशक्त व्यक्तित्वकृपूना सचदेवा जी एवं डॉ. नीतू चैधरी जीकृने पंचतारा होटल में शहर की क्रीमी लेयर ऑडियंस के समक्ष अत्यंत गरिमामय ढंग से प्रस्तुत कर साहित्य प्रेमियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे देश के विख्यात कवि एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव जी, जिन्होंने लगभग 90 मिनट तक अपनी शायरी को एक चलचित्र की भांति मंच पर जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को शब्दों, भावनाओं और दृश्यात्मक कल्पनाओं की ऐसी यात्रा पर ले गया, जो लंबे समय तक स्मृतियों में बनी रहेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित हास्य कवि एवं व्यंग्यकार पवन आगरी ने कहा कि अपने 35 वर्षों की काव्य यात्रा में यह प्रस्तुति उन्हें चमत्कृत करने वाली लगी। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी साहित्यिक कर्मयोगियों को हार्दिक बधाई दी।
कार्यक्रम का समापन तालियों की गूंज और साहित्यिक ऊर्जा के साथ हुआ। आलोकनामा ने यह सिद्ध कर दिया कि साहित्य जब समर्पण और संवेदना से प्रस्तुत होता है, तो वह हर वर्ग के हृदय तक पहुँचता है।
