अमेठीः अहंकार के परित्याग से ही संभव है श्रद्धा का उदय- डॉ. अनिल पाण्डेय
February 14, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। श्री मत परमहंस साधना कुटीर में जारी शिव महापुराण के छठवें दिन कथा व्यास डॉ. अनिल पाण्डेय ने अध्यात्म के मर्म को साझा किया। उन्होंने दो टूक कहा कि अहंकार ईश्वर का आहार है और जहाँ इसका अंत होता है, वहीं श्रद्धा स्वरूपा माँ गौरी का प्राकट्य होता है शक्ति और सामर्थ्य के बावजूद विनम्र बने रहने को ही डॉ. पाण्डेय ने सच्ची भक्ति बताया। माँ पार्वती के जन्म प्रसंग पर राष्ट्रीय गीतकार पं. जितेंद्र पाण्डेय के भजनों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर यज्ञाचार्य पं. आलोक मणि पांडेय, प्रबंधक सन्तदीन तिवारी, गुलाब सिंह, विवेक के.के. मिश्रा और एडवोकेट रमेश मिश्र सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
