प्रतापगढ़।जिले में कोहंडौर थाना क्षेत्र के धन्नीपुर गांव में 21 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत ने तूल पकड़ लिया। परिजनों ने इसे महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया और अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद आखिरकार पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
धन्नीपुर निवासी रामचंद्र का पुत्र वीरेंद्र कुमार (21) बुधवार शाम करीब छह बजे घर से बारात देखने की बात कहकर पैदल निकला था। बताया गया कि वह गांव से करीब दो किलोमीटर दूर रामापुर की ओर गया था। देर रात परिजनों को सूचना मिली कि कोहंडौर-कांधरपुर मार्ग पर लौली नहर पुलिया के पास धन्नीपुर जाने वाले खड़ंजे पर एक बाइक के साथ युवक बिजली के पोल से टकराकर गंभीर रूप से घायल पड़ा है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से उसे सीएचसी कोहंडौर पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना को प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना बताया।
इधर, मृतक के पिता और ग्रामीणों ने हादसे की कहानी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वीरेंद्र को कभी बाइक चलाते नहीं देखा गया, फिर वह बाइक पर कैसे था? मामले को और उलझाने वाली बात यह रही कि पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति ने उसी रात अपनी बाइक चोरी होने की तहरीर पुलिस को दी, जबकि पुलिस दुर्घटना में बाइक की टक्कर की बात कह रही थी। विदित हो कि मृतक अपने चारों भाइयों में सबसे छोटा था, सबसे बड़े भाई की भी कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो गयी थी। वीरेंद्र की छवि अपने क्षेत्र में बहुत सज्जन व्यक्ति के रूप में थी। वीरेंद्र पड़ोसी जिला जिला अमेठी के छीडा में कोकाकोला फैक्ट्री में काम करता था।
उक्त विरोधाभासी परिस्थितियों के बीच परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद पिता ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस हुई। भीम आर्मी व बसपा के स्थानीय व जिला पदाधिकारी और समर्थक भी मौके पर जुट गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। गौरतलब हो कि उसी दौरान शोसल मीडिया पर पर एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा था जिसमे एक व्यक्ति को तीन चोर दौड़ाये हुए हैं वो भी भी चर्चा का विषय बना रहा। उक्त वायरल फुटेज के बाबत परिजनों व उक्त भीम आर्मी व बसपा के पदाधिकारियों का कहना है कि उस वायरल फुटेज की बकायदे जांच की जाय,क्या पता हो सकता है कि वो वीरेंद्र को दौड़ाकर मारने का ही सीसीटीवी फुटेज हो।
शुक्रवार को नगर क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) की मौजूदगी में हुई बातचीत और ग्रामीणों के दबाव के बाद पुलिस ने मृतक के पिता की नामजद तहरीर पर बाइक से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद देर शाम परिजनों ने गांव के समीप ही युवक का अंतिम संस्कार कर दिया।
फिलहाल उक्त प्रकरण के बाबत पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। गांव में घटना को लेकर चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
