उत्तराखड। मंगलवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में विकास भवन में जिला स्तरीय एनकोर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया गया कि मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में नशे के विरुद्ध पुलिस, वन तथा राजस्व विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संदिग्ध स्थलों की नियमित करें। समाज कल्याण विभाग को युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में अवैध भांग और अफीम की खेती पर सख्त निगरानी रखने और ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर अवैध फसलों को तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए और बिना वैध पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए। ग्राम स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे समाज को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।
बैठक में सीडीओ जय भारत सिंह, डीएफओ डीपी बलूनी, सीओ जनक पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
