बाराबंकी । अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय के प्रति भरोसा मजबूत करने की दिशा में जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित एक पुराने जघन्य मामले में प्रभावी पैरवी का परिणाम सामने आया, जब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की अदालत ने विस्फोटक सामग्री बरामदगी के मामले में अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए तीन वर्ष के कारावास और 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के कुशल निर्देशन में जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध वैज्ञानिक विवेचना, सशक्त साक्ष्य संकलन और न्यायालय में सशक्त पैरवी की रणनीति पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत थाना देवा से संबंधित विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के एक गंभीर मामले में न्यायालय से सख्त सजा दिलाई गई।
थाना देवा पर पंजीकृत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत अभियुक्त संतोष कुमार पुत्र नन्हेलाल निवासी ग्राम मलिकापुर को दोषी पाते हुए न्यायालय ने तीन वर्ष का कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला 27 अक्टूबर 2014 का है, जब तत्कालीन निरीक्षक सरोज कुमार सिंह की तहरीर पर अभियुक्त के पास से दो अदद जिंदा बम बरामद किए गए थे। विवेचना के दौरान वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संकलन कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जो वर्षों बाद न्याय की कसौटी पर खरा उतरा।इस निर्णय से न केवल पीड़ितों और आमजन में न्याय के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से कोई नहीं बच सकता। पुलिस की सतत मॉनीटरिंग, अभियोजन की सशक्त भूमिका और गवाहों की प्रभावी प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि नीयत और प्रयास मजबूत हों, तो न्याय अवश्य मिलता है।इस सराहनीय उपलब्धि में अभियोजन एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी जनता द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली यह सफलता पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में कानून के राज की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है।
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