सहारनपुर/रामपुर स्टेट। कई निर्माण विभाग के कर्मचारियों की मिली-भगत से चढ़ रही है। फर्जी रोयल्टी बताया जाता है कि बागपत क्षेत्र के गांव निवाडा से मुजम्मिल व नईम बिजनौर से शहजाद व फैसल नाम के व्यक्ति यूपी माइनिंग की साइट हैक कर सरकार आईडी से आईं एसटीपी हैक कर विभाग में बेठे रोयल्टी चढ़ाने वाले कर्मचारियों को वाट्सएप के माध्यम से भेज रहे हैं जिससे विभाग में कार्यरत कर्मचारी ठेकेदार एवं निर्माण इंस्ट्रक्शन कंपनी की फाइलों में सस्ते दामों में रोयल्टी चढ़ाने का गैर कानूनी तरीके से कार्य कर रहे हैं। सहारनपुर में मारुति स्विफ्ट कार में सवार दो व्यक्ति जिनके दोनों के नाम साबिर चैधरी व साबिर बताया जाता है यह दोनों व्यक्ति रामपुर मुरादाबाद सहित महोबा की फर्जी रोयल्टी लाकर सहारनपुर शामली के ठेकेदारों को बेचकर चांदी कूट रहे हैं। बताया जाता है रामपुर मुरादाबाद से लगभग सहारनपुर 300 किलोमीटर दूर है जबकि महोबा सहारनपुर से लगभग 745 किलोमीटर दूर है तों सवाल यह है कि सहारनपुर शामली के ठेकेदार निर्माण के लिए खनन समाग्री इतनी दूर से नहीं मंगा सकते हैं क्यों पासपोर्ट का किराया खनन समाग्री के रेट से कहीं ज्यादा अधिक है जबकि सहारनपुर में साबिर नाम के व्यक्ति ने बड़े पैमाने पर फर्जी रोयल्टियों का नेटवर्क चला रखा है
दूसरी ओर रामपुर में मोनू राणा नाम का व्यक्ति जो सहारनपुर के गांव खजूर वाले का बताया जाता है यह व्यक्ति रामपुर के क्रेशरों पर बड़े पैमाने पर हरियाणा व हिमाचल प्रदेश की आईएस टीपी सप्लाई कर रहा है! कुछ दिन पहले रामपुर प्रशासन ने उत्तराखंड के अतिरिक्त हरियाणा हिमाचल प्रदेश राजस्थान की रोयल्टी पर प्रतिबंध लगा कर सभी स्टोन क्रेशर मालिकों चेतावनी दी गई थी कि कोई भी उत्तराखंड के अतिरिक्त दूसरे प्रदेशों की रोयल्टी प्रपत्र अपने पोर्टल पर न चढ़ाएं जांच में यदि किसी क्रेशर स्वामी द्वारा उक्त प्रदेशो की रोयल्टी प्रयोग किया जाना पाया जाता है। तों उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जायेगी प्रशासन के सख्त चेतावनी के बावजूद भी मानू राणा नाम का व्यक्ति बड़े पैमाने पर हरियाणा हिमाचल प्रदेश की की फर्जी रोयल्टी रामपुर स्टोन क्रेशरों पर चढवा रहा है जिसके साक्ष्य के तोर पर प्रमाण भी मोजूद है।
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