9 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और सोमवार का दिन है। अष्टमी तिथि सोमवार को पूरा दिन पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। 9 फरवरी को माता सीता की जयंती है। साथ ही सोमवार को कालाष्टमी भी है। 9 फरवरी रात 12 बजकर 52 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा। साथ ही सोमवार को पूरा दिन पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए सोमवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
9 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि - 9 फरवरी 2026 को पूरा दिन पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक
वृद्धि योग- 9 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 52 मिनट तक
विशाखा नक्षत्र- 9 फरवरी 2026 को पूरा दिन पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट
9 फरवरी 2026 व्रत-त्यौहार- सीता जयंती, कालाष्टमी
राहुकाल का समय
वृद्धि योग- 9 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 52 मिनट तक
विशाखा नक्षत्र- 9 फरवरी 2026 को पूरा दिन पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट
9 फरवरी 2026 व्रत-त्यौहार- सीता जयंती, कालाष्टमी
राहुकाल का समय
दिल्ली- सुबह 08:28 से सुबह 09:50 तक
मुंबई- सुबह 08:36 से सुबह 10:02 तक
चंडीगढ़- सुबह 08:32 से सुबह 09:54 तक
लखनऊ- सुबह 08:11 से सुबह 09:34 तक
भोपाल- सुबह 08:21 से सुबह 09:46 तक
कोलकाता- सुबह 07:37 से सुबह 09:02 तक
अहमदाबाद- सुबह 08:41 से सुबह 10:05 तक
चेन्नई- सुबह 08:01 से सुबह 09:28 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
मुंबई- सुबह 08:36 से सुबह 10:02 तक
चंडीगढ़- सुबह 08:32 से सुबह 09:54 तक
लखनऊ- सुबह 08:11 से सुबह 09:34 तक
भोपाल- सुबह 08:21 से सुबह 09:46 तक
कोलकाता- सुबह 07:37 से सुबह 09:02 तक
अहमदाबाद- सुबह 08:41 से सुबह 10:05 तक
चेन्नई- सुबह 08:01 से सुबह 09:28 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय- सुबह 7:03 AM
सूर्यास्त- शाम 6:06 PM
सीता जयंती
प्रत्येक वर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ही माता सीता का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इस दिन को सीताष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता सीता की वंदना से व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि और शांति तो मिलती ही है, साथ ही ये जीवन के मार्ग को सुगम बनाती है और कल्याण की ओर ले जाती है। इसके अलावा देवी मां की कृपा से व्यक्ति को अच्छे गुणों की प्राप्ति होती है और दांपत्य जीवन में सुख का संचार होता है।
सूर्यास्त- शाम 6:06 PM
सीता जयंती
प्रत्येक वर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ही माता सीता का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इस दिन को सीताष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता सीता की वंदना से व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि और शांति तो मिलती ही है, साथ ही ये जीवन के मार्ग को सुगम बनाती है और कल्याण की ओर ले जाती है। इसके अलावा देवी मां की कृपा से व्यक्ति को अच्छे गुणों की प्राप्ति होती है और दांपत्य जीवन में सुख का संचार होता है।
