बिना बताए ATM से निकाले 5000, नाराज होकर मायके चली गई पत्नी, पति ने उठाया खौफनाक कदम
February 18, 2026
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां सरकार की महिला अधिकार राशि को लेकर पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है.
तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. इन्हीं में से एक “कलैगनार करुणानिधि महिला अधिकार राशि योजना” है, जिसके तहत परिवार की मुखिया महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं. यह योजना सितंबर 2023 से लागू है और राज्य की करीब 1.31 करोड़ महिलाएं इसका लाभ ले रही हैं.
आगामी विधानसभा चुनाव और आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 13 फरवरी को फरवरी, मार्च और अप्रैल की राशि एक साथ जारी की. इस दौरान महिलाओं के खातों में कुल 5,000 रुपये (3,000 रुपये तीन महीनों की किस्त और 2,000 रुपये गर्मी विशेष सहायता) जमा किए गए.
विरुधुनगर जिले के वथरा आवास के पास नेदुंगुलम इलाके में रहने वाले ईश्वरन अपनी पत्नी रामू के साथ रहते थे. रामू के खाते में भी यह 5,000 रुपये जमा हुए थे. आरोप है कि ईश्वरन ने पत्नी को बिना बताए उसके एटीएम कार्ड से पैसे निकाल लिए और खर्च कर दिए. जब रामू को इस बात की जानकारी हुई तो पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हो गई. नाराज होकर रामू अपने मायके चली गई.
पत्नी के चले जाने से ईश्वरन गहरे तनाव में आ गया. इसी दौरान घर में अकेले होने पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही कूमापट्टी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए विरुधुनगर जिला सरकारी अस्पताल भेज दिया.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आर्थिक विवाद और पारिवारिक तनाव किस तरह जानलेवा साबित हो सकते हैं. इलाके में इस घटना को लेकर गहरा दुख और सन्नाटा पसरा हुआ है.
(आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. यदि आप तनावग्रस्त हैं या आत्महत्या करने का विचार आ रहा है, तो परामर्श के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें: स्नेहा आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र - 044 -24640050, राज्य आत्महत्या रोकथाम सहायता केंद्र - 104, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का हेल्पलाइन - 1800 599 0019)
