संग्रामपुरः एनएच-931 बाईपास मे भ्रष्टाचार! मौत के साये में सफर करने को मजबूर राहगीर
February 03, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जनपद के रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले प्रतापगढ़-गौरीगंज बाईपास (एनएच-931) की बदहाली ने क्षेत्र के संपूर्ण यातायात तंत्र को खतरे में डाल दिया है। यह बाईपास कोई सामान्य मार्ग नहीं, बल्कि अमेठी की जीवनरेखा कहे जाने वाले तीन प्रमुख मार्गों दुर्गापुर , सुल्तानपुर और मुंशीगंज रोड को आपस में जोड़ने वाला मुख्य जंक्शन है। इन तीन दिशाओं से आने वाला भारी और स्थानीय ट्रैफिक वर्तमान में कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण मौत के साये में सफर करने को मजबूर है। सड़क से लगे नालों के निर्माण में हुई भारी वित्तीय अनियमितताओं और घटिया निर्माण को छिपाने के लिए ठेकेदार द्वारा उन पर मिट्टी डाल दी गई। विडंबना यह है कि वही मिट्टी अब पूरी सड़क पर फैल चुकी है। हल्की बारिश होते ही यह मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे मुंशीगंज और सुल्तानपुर की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन चालक रोजाना फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर किए गए इस कार्य से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। चूंकि यह बाईपास दुर्गापुर, सुल्तानपुर और मुंशीगंज जाने वाले रास्तों का मुख्य केंद्र है, इसलिए यहाँ अव्यवस्था का असर पूरे जिले की कनेक्टिविटी पर पड़ रहा है । मुंशीगंज रोड अस्पताल और औद्योगिक इकाइयों की ओर जाने वाले एम्बुलेंस और कर्मचारी कीचड़ में फंस रहे हैं।सुल्तानपुर रोड भारी वाहनों के दबाव के कारण कीचड़ वाली सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है।दुर्गापुर रोड स्कूल और बाजार जाने वाले छात्र और व्यापारी फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे जनाक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने तीखा विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि यदि समय रहते सड़क से मलबा साफ नहीं किया गया और नालियों का मानक के अनुरूप पुनर्निर्माण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। राहगीरों ने मांग की है कि नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( एनएचएआई ) और जिला प्रशासन तत्काल इस भ्रष्टाचार की जांच कराए और दोषियों पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो मुंशीगंज, सुल्तानपुर और दुर्गापुर रोड के मिलन बिंदु पर कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मार्ग को साफ सुथरा और बाधा मुक्त रखने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होती है।क्या एजेंसी कोई बड़ी जनहानि होने पर सक्रिय होगी ?।
