संग्रामपुर: 8 महीने से वेतन को तरस रहे मनरेगा कर्मचारी, होली पर भी छाई मायूसी
February 25, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। अमेठी जनपद के विकास खंड भेटुआ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत कार्यरत कार्मिकों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। विगत आठ मास से वेतन (मानदेय) प्राप्त न होने के कारण कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। अत्यंत खेदजनक स्थिति यह है कि आगामी रंगों के महापर्व होली के उपलक्ष्य में भी इन कर्मचारियों को उनके संवैधानिक देय मिलने की कोई आशा दृष्टिगोचर नहीं हो रही है। भेटुआ के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी से प्राप्त सूचनानुसार, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं स्वयं एपीओ सहित समस्त विभागीय कार्मिकों का पारिश्रमिक लंबित है। जांच के उपरांत यह तथ्य प्रकाश में आया है कि समस्या का मूल स्थानीय न होकर शासन स्तर पर है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, स्पर्श-एसएनए प्रणाली में तकनीकी व्यवधान को इस गतिरोध का प्रमुख कारक बताया जा रहा है। शासन स्तर पर व्याप्त इस तकनीकी जटिलता ने सैकड़ों परिवारों की खुशियों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। मनरेगा कर्मचारी महासंघ द्वारा आयुक्त (ग्राम्य विकास) के समक्ष अपनी मांगें प्रस्तुत करने पर एक चैंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ है। अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि कुछ जनपदों में उपलब्ध धनराशि का व्यय निर्धारित श्मानदेय मदश् के स्थान पर अन्य मदों में कर दिया गया। यह वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया है।
