बीसलपुर। विधानसभा क्षेत्र 130 में मतदाता सूची से सैकड़ों वोट काटे जाने की कथित साजिश को लेकर शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी दिव्या गंगवार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दिव्या गंगवार ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग फर्जी तरीके से फार्म नंबरदृ7 भरवाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेष सूत्रों से सूचना मिलने के बाद दिव्या गंगवार ने साक्ष्य एकत्र करना शुरू किया और दर्जनों बीएलओ व सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। आरोप है कि जब उन्होंने एसडीएम नागेंद्र पांडे से फर्जी फार्मों पर कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा, तो कोई ठोस और संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। एसडीएम के गाड़ी से नीचे न उतरने पर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसील गेट पर उनकी गाड़ी का घेराव कर दिया। इसी दौरान दिव्या गंगवार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कथित फर्जी फार्मों को फाड़कर जला दिया। इस घटनाक्रम से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा।
प्रदर्शन के दौरान दिव्या गंगवार ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज के सैकड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार सर्वोपरि है और किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मामले में बूथ संख्या 24, 394, 392, 414, 380, 389, 390, 406 और 486 के बीएलओ ने भी गंभीर आरोप लगाए। बीएलओ का कहना है कि उनके पास फर्जी तरीके से फार्म जमा कराए गए और कुछ भाजपा पदाधिकारियों द्वारा नौकरी से हटाने की धमकी दी।
बीएलओ के अनुसार, उन्होंने जीवित मतदाताओं के वोट काटने से इनकार किया, जिसके बाद एसडीएम के समक्ष ही फर्जी फार्म फाड़कर फेंक दिए गए। इस पूरे प्रकरण के बाद बीएलओ ने अपनी नौकरी पर खतरे की आशंका जताई है।घटना के बाद तहसील परिसर में दिनभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि फर्जी फार्म जमा कराने वालों और दबाव बनाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पूरा मामला लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, वहीं प्रशासन की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
