एक और यू-टर्न! टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार का दोष बांग्लादेशी खिलाड़ियों को देने के बाद फिर बदला बयान
February 12, 2026
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का फैसला करके बांग्लादेश अब पछता रहा है, यही कारण है कि पहले बहिष्कार का समर्थन करने वाले बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल को यह कहना पड़ा था कि ये उनका फैसला नहीं बल्कि बीसीबी और खिलाड़ियों का था. उन्होंने मीडिया के सामने मंगलवार को कहा था कि भारत में वर्ल्ड कप नहीं खेलने का फैसला खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का था. लेकिन इसके बाद उनकी आलोचना होने लगी, क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने पहले कहा था कि सुरक्षा चिंताओं के आधार पर सरकार ने भारत में नहीं खेलने का फैसला किया है. लेकिन आलोचना का शिकार होने के बाद आसिफ ने एक बार फिर अपना बयान बदल दिया है.
मंगलवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का फैसला खिलाड़ियों का बताने वाले आसिफ नजरुल ने बुधवार को कहा कि वह अपनी बात को सही से समझा नहीं पाए. उन्होंने कहा, "एक बार फिर, मैं साफ़ तौर पर कहता हूं कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में न खेलने का फैसला सरकार ने लिया था."
नजरुल ने बताया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के एक इवेंट के बाद पत्रकारों के साथ उन्होंने बिना तैयारी के बातचीत में जो कहा, उसे गलत समझा गया. उनके अनुसार पूछा गया सवाल था कि क्या उन्हें नहीं खेलने का अफसोस है, ये सवाल नहीं था कि फैसला किसने लिया.
नजरुल ने बताया, कि बांग्लादेश सरकार ने जनवरी के शुरू में ही सिक्योरिटी की चिंताओं का हवाला देते हुए क्रिकेट टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला किया था. उन्होंने पिछले कई बयानों में यह बात साफ कही थी.
नजरुल के बयान से साफ था कि बांग्लादेश सरकार टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने का कारण बीसीबी और खिलाड़ियों को बता रही है, क्योंकि उन्होंने कहा कि ये फैसला खिलाड़ियों और बोर्ड का था. ये बात उन्होंने 10 फरवरी को बीसीबी के एक इवेंट के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में कही. इससे विवाद बढ़ गया था, लेकिन नजरुल ने इसके बाद फिर यू-टर्न लेते हुए कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया. उन्होंने इसे सरकार का फैसला मानते हुए कहा, "फैसले पर कायम रहने का मुख्य क्रेडिट उन्हें जाता है."
