लखनऊ। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय म्युनिसिपालिका-2026 इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कॉन्फ्रेंस ऑन सेफ, स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी सॉल्यूशंस के दूसरे दिन लखनऊ की माननीय महापौर सुषमा खर्कवाल शामिल हुईं। इस बड़े इंटरनेशनल कार्यक्रम में देश-विदेश के शहरों के प्रतिनिधि, एक्सपर्ट्स और नगर निगम से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
सुबह 10 बजे कार्यक्रम की शुरुआत वॉटर एंड वेस्टवॉटर मैनेजमेंट सेशन से हुई। इसमें शहरों में बेहतर वॉटर मैनेजमेंट, 24Û7 साफ पानी की सप्लाई, इस्तेमाल किए गए पानी को दोबारा उपयोग में लाने, नदियों को सुरक्षित रखने और कम खर्च वाली नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरों में पानी बचाना और सही प्लानिंग के साथ उसका उपयोग करना बहुत जरूरी है।
इसके बाद सैनिटेशन, सॉलिड वेस्ट एंड रिसोर्स रिकवरी विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान शहरों में कचरा कम करने, वेस्ट सेग्रिगेशन यानी गीले और सूखे कचरे को अलग करने, कचरे से एनर्जी बनाने, कंस्ट्रक्शन वेस्ट को दोबारा इस्तेमाल करने और मॉडर्न अर्बन क्लीनिंग सिस्टम पर बातचीत हुई।दोपहर में नेटवर्किंग लंच का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शहरों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद आयोजित हाउसिंग फॉर ऑल सेशन में आम लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग, जमीन और फाइनेंस का बेहतर उपयोग, पीपीपी मॉडल के जरिए घर निर्माण और नई हाउसिंग इनोवेशन पर चर्चा हुई।
दोपहर बाद इनोवेटिव अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग सेशन आयोजित हुआ। इसमें नगर निकायों के लिए फंड जुटाने के नए तरीके, म्युनिसिपल बॉन्ड, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, ग्रीन फाइनेंस और प्रोजेक्ट्स को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के सिस्टम पर चर्चा की गई। इसके बाद हुए इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में शहरों की जरूरी सुविधाओं, बेहतर प्लानिंग और मजबूत सिटी मैनेजमेंट पर जोर दिया गया।कॉन्फ्रेंस में डिजिटल गवर्नेंस भी मुख्य विषय रहा। इसमें सिटिजन ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन अप्रूवल सिस्टम, स्मार्ट यूटिलिटी सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी और डेटा बेस्ड टैक्स सिस्टम जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई ताकि आम लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकें।
इसके अलावा सस्टेनेबल एंड ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी, एनर्जी सेविंग सिस्टम, एनवायरनमेंट फ्रेंडली कंस्ट्रक्शन मटेरियल और क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चुनौतियों पर भी एक्सपर्ट्स ने अपने विचार रखे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स काउंसिल मीटिंग में सिटिजन पार्टिसिपेशन, बेहतर अर्बन लीडरशिप और इनक्लूसिव सिटी प्लानिंग पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में सर्कुलर इकोनॉमी, वेस्ट-टू-एनर्जी, स्पीडी कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, पब्लिक वर्क्स की ड्यूरेबिलिटी बढ़ाने, खराब मौसम और अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में कंस्ट्रक्शन जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल रहे।
इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि ऐसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म से नई टेक्नोलॉजी और बेहतर सिटी मैनेजमेंट के आइडियाज मिलते हैं। इन अनुभवों का उपयोग लखनऊ को साफ, स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी बनाने में किया जाएगा।
