आगरा । उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग, लखनऊ की दोहरी पीठ द्वारा गुरुवार को आयुक्त आगरा मंडल के सभागार में कुल 170 मामलों की विस्तृत सुनवाई की गई।
आयोग के माननीय सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा एवं सदस्य बृज भूषण ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया।
सुनवाई के दौरान जिन मामलों में अब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई थी, उन पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम का संचालन कार्यालय सहायक राजेन्द्र प्रसाद दीक्षित द्वारा किया गया।6 फरवरी को आयोजित होगी महत्वपूर्ण संगोष्ठीइसी क्रम में आयोग द्वारा 6 फरवरी 2026 को एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगरा के वरिष्ठ अधिकारी, नोडल अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है, ताकि मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन पर प्रभावी चर्चा की जा सके।इस अवसर पर प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चैहान, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुबेर बेग, अपर जिलाधिकारी (ना0आ0) अजय नारायण सिंह, पूनम सिरोही सहित पुलिस विभाग से अपर पुलिस उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी मानवाधिकार कमिश्नरेट आगरा उपस्थित रहे।जिलाधिकारी कार्यालय से भूपाल सिंह, विनोद द्विवेदी, संजीत श्रीवास्तव, मदन पाल एवं सुरेश चतुर्वेदी ने प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया। आयोग की ओर से सहायक सचिव आलोक यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे।
