ऑनलाइन ट्रेडिंग का दिया झांसा! फिर रिटायर्ड बैंक मैनेजर से ठगे 16 लाख
February 18, 2026
ऑनलाइन ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से 16 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है. यह घटना तमिलनाडु के कुंभकोणम की है, जहां पीड़ित ने इस संबंध में तंजावुर साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित 69 साल के वेलसामी एक राष्ट्रीयकृत बैंक में मैनेजर पद पर कार्यरत थे और रिटायर्डि के बाद घर पर रह रहे थे. उनके मोबाइल फोन पर एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें एक महिला ने खुद को “अंकित मेहरा” बताया. महिला ने वेलसामी को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर भारी मुनाफा होने का झांसा दिया और एक फर्जी लिंक भेजा. बार-बार भरोसा दिलाने के बाद वेलसामी ने 21 सितंबर 2025 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच 14 अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के जरिए कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.'
वेलसामी ने अपने निवेश से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी लेने के लिए उसी व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो वह नंबर स्विच ऑफ मिला. कई बार प्रयास करने के बावजूद संपर्क न हो पाने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने तंजावुर जिला साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
जांच में सामने आया है कि जिन बैंक खातों में पैसा भेजा गया था, वे ओडिशा, असम, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश राज्यों से जुड़े हुए हैं. साइबर क्राइम पुलिस ने संबंधित बैंकों को ई-मेल भेजकर जानकारी मांगी, जिसमें से तीन बैंकों से जवाब प्राप्त हुआ है. जवाब में बताया गया कि संबंधित खातों में फिलहाल कोई राशि शेष नहीं है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच कर रही है.
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी ऐप्स, सोशल मीडिया और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होने वाले अपराधों से बचने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर और cybercrime.gov.in वेबसाइट के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अज्ञात कॉल स्वीकार न करें, व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, फर्जी लिंक पर क्लिक न करें और सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें.
पुलिस अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि “बैंक से बोल रहे हैं, ओटीपी बताइए” जैसी कॉल पर कभी भरोसा न करें. जागरूकता और सावधानी ही इस तरह की साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है.
