सहारनपुर। रमजान के पाक महीने में कैलाशपुर निवासी 10 वर्षीय मोहम्मद उवेश ने जुम्मे के दिन अपना दूसरा रोजा रखा।
परिवार के अनुसार, मोहम्मद उवेश पढ़ाई के साथ-साथ दीन की बातों में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने सुबह सहरी के समय उठकर रोजे की नीयत की और पूरे दिन रोजा रखा इतनी कम उम्र में रोजा रखना आसान नहीं होता, लेकिन मोहम्मद उवेश ने पूरे जज्बे और हिम्मत के साथ रोजा रखकर यह साबित कर दिया कि इबादत की राह में उम्र मायने नहीं रखती।
मोहम्मद उवेश ने बताया कि वह रमजान के महीने में नमाज पढ़ने और अच्छे काम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका यह रमजान का दूसरा रोजा है।
रमजान का महीना इबादत, सब्र और अनुशासन का संदेश देता है। इस दौरान रोजेदार सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं।
