सोनभद्र। रावर्ट्सगंज नगर के अन्तर्गत अशोकनगर अकड़हवा पोखरा स्थित रामजानकी मंदिर पर चल रहे नव दिवशीय 27 जनवरी से 4 फरवरी तक चलने वाले श्री रामकथा मे तृतीय दिवस की कथा के क्रम मे उपस्थित श्रद्धांलुओं ने रामजन्म की कथा सुन भाव विभोर हो गये। कथा के दौरान श्री रामजन्म होते ही पंडाल श्री राम के जयकारे से गूंज उठा वही मानस किंकर कथा वाचक श्री नीरजानन्द जी महराज काशी ने कहा कि भगवान का जन्म असुरो व पापियों के नाश के लिये हुआ है।भगवान राम ने बाल्यावस्था मे ही असुरो का नाश करना शुरू कर दिया था।प्रभु राम को मानव रूप मे जन्म लेने के पाँच प्रमुख कारण है। इसमें नारद मोह और उनका श्राप पृथ्वी पर पाप बढ़ने जय विजय को सनकादि ऋषियों का श्राप मनु सतरूपा कि कठोर तपस्या एवं वरदान और राजा प्रताप भानू व अहिमर्दन को ब्राह्मणों को दिये गये श्राप जैसे कारणों के चलते भगवान राम ने पृथ्वी पर नर रूप मे जन्म लिया। इसके बार सांसारिक मर्यादाओं और लीलाओं को प्रदर्शित किया कथा मे रामजन्म को उत्सव कि तरह मनाया गया।कथा के दौरान श्रद्धालु बधाईया बाजे पर जमकर नाचते दिखे। यज्ञ का संचालन रामजानकी मंदिर प्रधान पुजारी अकड़हवा पोखरा गुप्तकाशी सोनभद्र पं0 नीरजानन्द मिश्र द्वारा किया गया इस मौके पर आचार्य पं0 राजन पाण्डेय व पं0 मनोज कुमार दीक्षित मुख्य यजमान अरविन्द देव पाण्डेय, कपिल मुनि मिश्र, राजेश शुक्ल, संतोष सिंह, मनोरथ मिश्र, राजू पाण्डेय, संजय पाण्डेय, कृष्ण कुमार मिश्र, विनय, मनोज सिंह, नितेश पाठक,रविन्द्र पाठक, अरविन्द दुबे इत्यादि लोग मौजूद रहे।
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