बीसलपुर। नगर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कृष्ण-सुदामा की मित्रता की मार्मिक कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए। कथा वाचक पंडित अजय शास्त्री ने सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और त्याग का संदेश दिया।कथावाचक ने कहा कि भगवान से किसी भी वस्तु की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। भगवान बिना मांगे ही अपने भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण कर देते हैं। सच्चे मन से किया गया स्मरण ही सच्ची भक्ति है, क्योंकि भगवान हमारे मन की भावना को भली-भांति जानते हैं।
उन्होंने बताया कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन होने के बावजूद अपने मित्र श्रीकृष्ण से कुछ मांगने नहीं जाते थे। पत्नी के आग्रह पर जब सुदामा जी श्रीकृष्ण के महल पहुंचे तो भगवान ने उनका अत्यंत आदर-सत्कार किया। सुदामा द्वारा लाए गए चावल की पोटली से श्रीकृष्ण ने एक मुठ्ठी चावल ग्रहण कर उनके जीवन की सारी दरिद्रता दूर कर दी। यह कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास ने कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति से ही मानव का कल्याण संभव है। कथा के विश्राम पर ममता शर्मा, दीप कमल शर्मा, प्रशांत मिश्रा, खगेंद्र दत्त मिश्रा, बंदना एवं माहतिया द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
