लखनऊ। सितंबर माह में आवेदन 18 जनवरी तक नहीं दिया संयोजन शीर्षक से विधान केसरी मे प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए अधिशासी अभियंता कलेक्शन नीरज कुमार द्वारा उपभोक्ता को राहत देते हुए 21 जनवरी को उसके परिसर पर मीटर स्थापित कर संयोजन चालू करा दिया गया’सोशल मीडिया पर उपभोक्ता का वीडियो वायरल व्यवस्था पर उठाए सवाल। सितंबर माह में आवेदन करने वाला पीड़ित उपभोक्ता अतुल तिवारी मैं सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया निरंतर मुझे रजनी खंड उपकेंद्र से लेकर इंद्रलोक करेले तक अधिकारियों ने दौड़ी दो-चार दिन कहते-कहते 5 महीने का समय लग गया यदि मेरी खबर प्रकाशित न होती तो अभी भी मुझे कनेक्शन न मिल पाता जिस प्रकार मेरे साथ व्यवहार हुआ किसी के साथ ना हो ।
सितंबर माह में आवेदन के उपरांत एक सप्ताह में संयोजन निर्गत करना था 15 नवंबर से पूर्व दो माह तक क्षेत्रीय उपखंड अधिकारी विनोद कुमार एवं अवर अभियंता शिवकुमार शाक्य द्वारा इस हेतु प्रयास क्यों नहीं किया गया ।
वर्टिकल व्यवस्था 15 नवंबर से लागू हुई नवंबर से जनवरी तक अधिकृत अवर अभियंता एवं उपखंड अधिकारी अनुभव कुमार सिंह द्वारा 2 किलो वाट का कमर्शियल संयोजन क्यों नहीं जारी किया गया
उपभोक्ता के बयान में साफ नजर आता है की सुविधा शुल्क न देने के कारण ही इतना विलंब हुआ जबकि डांस क्लास हेतु किराए के परिसर का नियमित भुगतान वह निरंतर करता रहा परंतु विद्युत व्यवस्था न होने के कारण उसका समुचित उपभोग ना कर सका
व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि उपभोक्ता के आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना तथा विभाग की छवि को धूमिल करने के जिम्मेदार लोगों पर प्रबंधन कब संज्ञान लेगा।

