बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार! एक और युवक का बेरहमी से किया गया कत्ल
January 13, 2026
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला जारी है। यहां से एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। दागनभुइयां में 28 साल हिंदू युवक समीर कुमार दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। समीर कुमार दास रामानंदपुर गांव (मातुभुइया संघ) का निवासी था और बैटरी चालित ऑटो-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था।
रविवार रात (11 जनवरी 2026) को जब समीर घर नहीं लौटा तो परिजनों ने शहर के विभिन्न इलाकों में तलाश शुरू की। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब 2 बजे स्थानीय लोगों ने दक्षिण करीमपुर मुहुरी बाड़ी के पास उनका लहूलुहान शव देखा। सूचना मिलते ही दागनभुइयां पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल में हालात देखकर यह एक सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। दागनभुइयां थाने के पुलिस अधिकारी फैयाजुल अजीम नोमान ने बताया कि समीर पर देशी हथियारों से हमला किया गया था और उन्हें पीट-पीटकर मारा गया था। हत्या के बाद अपराधियों ने उनका ऑटो-रिक्शा भी लूट लिया और फरार हो गए। परिजनों ने मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। इस जघन्य घटना के बाद स्थानीय निवासियों और अन्य ऑटो चालकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जाए, ताकि इलाके में सुरक्षा की स्थिति बहाल हो सके। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की एक और मिसाल है, जिस पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, बांग्लादेश पुलिस ने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की लिंचिंग के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने आरोपी की पहचान यासीन अराफात के रूप में की है जो एक पूर्व शिक्षक है। माना जाता है कि उसने हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने दोनों में मुख्य भूमिका निभाई थी। 27 साल के दीपू की 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था और उसके शव को एक पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी।
