अमेठीः सरसों तेल से मल्टीग्रेन आटे तक! पीएम एफएमई योजना ने बदली आर्थिक तस्वीर
January 02, 2026
अमेठी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) जनपद अमेठी में स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। माननीय मुख्यमंत्री जी की दूरदर्शी सोच और जिलाधिकारी संजय चैहान एवं मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में यह योजना जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रही है। इसी क्रम में विकास खण्ड जगदीशपुर के प्लॉट नम्बर डी-9, सेक्टर-4, कठौरा इंडस्ट्रियल एरिया निवासी श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने पीएम एफएमई योजना का लाभ उठाकर एक सफल उद्यम की स्थापना की है। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने डी.आर.पी. (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) के सहयोग से पीएम एफएमई पोर्टल पर आवेदन किया, जिसके उपरांत उन्हें 35.00 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण से उन्होंने आटा एवं आयल मिल के प्रसंस्करण हेतु आधुनिक मशीनरी एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर ‘श्री बालाजी आयल मिल’ ब्रांड के नाम से इकाई स्थापित की। वर्तमान में इस इकाई में आटा, मल्टीग्रेन आटा, बेसन, मैदा, सरसों का तेल एवं अन्य खाद्य उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनका विक्रय स्थानीय बाजार के साथ-साथ आसपास के जनपदों में भी किया जा रहा है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव को प्रोजेक्ट कॉस्ट का 35 प्रतिशत अनुदान भी प्रदान किया गया, जिससे उनके उद्यम को और मजबूती मिली। आज यह इकाई एक सफल और आत्मनिर्भर उद्यम के रूप में तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसका वार्षिक टर्नओवर लगभग 80 लाख रुपये है। यह इकाई न केवल श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव की आर्थिक सशक्तता का प्रतीक बनी है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। साथ ही यह जनपद के अन्य युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में जनपद प्रशासन द्वारा पीएम एफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी की आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह सफलता की कहानी एक मजबूत कदम है।
