फतेहाबाद/आगरा।फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जागराजपुर में रेलवे पुलिया के समीप नवनिर्मित पुलिया के चलते किसानों की वर्षों पुरानी कृषि मार्ग व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है। पुलिया निर्माण के दौरान किसानों का एकमात्र आवागमन मार्ग तोड़ दिया गया, जिसके बाद रेलवे विभाग द्वारा वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया। इससे दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि तक पहुंच पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है।
खेतों तक रास्ता न होने के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं और उनके सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र में कई किलोमीटर तक कोई भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने से समस्या और अधिक विकराल हो गई है।
किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी फतेहाबाद प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शैलेश यादव एवं ग्राम जागराजपुर के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विगत दिवस उपजिलाधिकारी फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में किसानों को तत्काल रास्ता उपलब्ध कराए जाने तथा रेलवे विभाग से समन्वय कर स्थायी समाधान निकाले जाने की मांग की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से आज तहसीलदार फतेहाबाद श्री बबलेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समाजवादी पार्टी फतेहाबाद प्रभारी राजेश कुमार शर्मा किसानों के साथ उपस्थित रहे। तहसीलदार ने ग्रामीणों एवं किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने किसानों को रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिया तथा शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही।
इस अवसर पर राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि ग्राम जागराजपुर के किसानों के साथ हुआ यह अन्याय दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्षों पुराना रास्ता तोड़ दिया गया और कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिससे सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी ही जमीन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जो किसी भी संवेदनशील प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो पार्टी आंदोलन करने को मजबूर होगी।
निरीक्षण के दौरान पूर्व चेयरमैन शैलेश यादव, अनुज यादव, केके यादव, प्रवेश यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण व किसान मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर किसानों को राहत देने की मांग की।
