प्रतापगढ़। जिले में मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को जिले स्तर पर आयुष विभाग के समस्त प्रभारी अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, सेवाओं एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा। बैठक में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के अंतर्गत संचालित चिकित्सालयों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, जनहितकारी कार्यक्रमों तथा विभागीय कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन आयुष चिकित्सालयों में भवन जर्जर अवस्था में हैं अथवा शौचालय, विद्युत व्यवस्था आदि मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएँ विद्यमान हैं, उन सभी समस्याओं का विवरण तत्काल उपलब्ध कराते हुए मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से शीघ्र निवारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आयुष चिकित्सालयों हेतु भूमि से संबंधित जो प्रक्रियाएँ जिस भी स्तर पर लंबित हैं, उनकी अद्यतन एवं स्पष्ट सूचना तत्काल प्रस्तुत की जाए, ताकि संबंधित प्रकरणों में आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही की जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि आयुष विभाग से संबंधित जो निर्माण कार्य विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रचलित हैं, उनकी वर्तमान प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट, साथ ही प्रत्येक निर्माण कार्य की निर्धारित एवं संभावित पूर्ण होने की तिथि सहित सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों की समयबद्ध समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जा सके। साथ ही समयबद्ध उपस्थिति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी सहित समस्त चिकित्साधिकारी एवं फार्मासिस्ट इंचार्ज अपने-अपने कार्यस्थलों पर निर्धारित समय से उपस्थित रहना सुनिश्चित करें तथा विभागीय अनुशासन का पूर्णतः पालन करें।
बैठक में विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया तथा निर्देशित किया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आयुष सेवाओं का विस्तार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक किए जाने पर भी बल दिया गया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें तथा आयुष पद्धतियों के माध्यम से जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ। बैठक में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा0 सुमन कुशवाहा, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा0 ममता सचान व समस्त चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
