पीलीभीतः नौकरी और डिपो का सपना दिखाकर अधिवक्ता से चार लाख की ठगी! अदालत के आदेश पर तीन जालसाजों पर मुकदमा दर्ज
January 10, 2026
पीलीभीत। सहकारी समिति में नौकरी और घर पर डिपो खुलवाने का झांसा देकर एक अधिवक्ता से करीब चार लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित को वर्षों तक नियुक्ति, वेतन और डिपो शुरू होने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन जब न नौकरी मिली और न ही डिपो शुरू हुआ, तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने गोरखपुर, रायबरेली और रामपुर के तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मोमिनगंज निवासी अधिवक्ता अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि ठगी का यह सिलसिला वर्ष 2016 में शुरू हुआ। ग्राम विकास सहकारी समिति लिमिटेड नामक संस्था की ओर से उन्हें 17 नवंबर 2016 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं से जुड़ी एक स्थायी नौकरी मिलने की उम्मीद जगी। इसके बाद 5 दिसंबर 2018 को उन्हें लखनऊ स्थित संस्था के कार्यालय में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जहां उन्हें 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया गया।जालसाजों ने खुद को सरकारी योजनाओं से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनकी संस्था प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने का कार्य करती है। इसी भरोसे में लेकर मार्च 2019 में कई किसानों के किसान सेवा कार्ड बनवाने के नाम पर प्रति कार्ड 6,600 रुपये जमा कराए गए। बाद में आरोपियों ने अधिवक्ता अशोक कुमार को उनके घर पर संस्था का डिपो खोलने का लालच दिया और कहा कि इससे उनकी आय और अधिक बढ़ जाएगी।डिपो की सिक्योरिटी के नाम पर आरोपियों ने अधिवक्ता से 3 लाख 35 हजार रुपये नकद ले लिए और भरोसा दिलाया कि दो महीने के भीतर डिपो शुरू कर दिया जाएगा। समय बीतता गया, लेकिन न तो डिपो शुरू हुआ और न ही नौकरी पर वेतन मिला। लगातार टालमटोल से परेशान होकर अधिवक्ता अशोक कुमार 27 सितंबर 2019 को लखनऊ स्थित संस्था के कार्यालय प्रथम तल, मूल प्लाजा पहुंचे, जहां उन्हें कार्यालय पर ताला लटका मिला। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि संस्था के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो चुके हैं।इसके बाद अधिवक्ता को यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें सुनियोजित तरीके से ठगा गया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की और न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने गोरखपुर निवासी भानु दीक्षित, रायबरेली निवासी अभिषेक मिश्रा और रामपुर निवासी नरेश के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं और पीड़ितों की भी जानकारी सामने आ सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में नौकरी और डिपो के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर लोगों में चिंता और सतर्कता बढ़ गई है।
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