पीलीभीतः ओवैसी का बयान खयाली पुलाव, देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में- राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख
January 10, 2026
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के देश के भविष्य और प्रधानमंत्री पद को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री औलख ने ओवैसी के बयान को सिरे से खारिज करते हुए इसे खयाली पुलाव करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक जीवंत और मजबूत लोकतंत्र है, जहां सत्ता का फैसला जनता करती है और आज देश की जनता का अटूट विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर है।मंत्री औलख ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ओवैसी को यह सच्चाई समझ लेनी चाहिए कि जब तक देश में नरेंद्र मोदी हैं, तब तक वही प्रधानमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश न केवल सुरक्षित है बल्कि तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। चाहे राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय हो, अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण हो या वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा, हर क्षेत्र में देश ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। औलख ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास भविष्य के लिए योग्य, सक्षम और राष्ट्र के प्रति समर्पित नेताओं की लंबी कतार है, इसलिए विपक्ष के सपने कभी साकार नहीं होंगे।राज्य मंत्री ने तुष्टिकरण की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने ओवैसी का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग मजहब और तुष्टिकरण की राजनीति के सहारे सत्ता के सपने देखते हैं, उनका नंबर कभी नहीं आने वाला। उन्होंने दावा किया कि अब देश की जनता जागरूक हो चुकी है और वह वोट मजहब या भड़काऊ बयानों के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के नाम पर देती है। मंत्री के इस बयान से जिले की राजनीति में हलचल मच गई है और भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और मजबूत नेतृत्व का प्रमाण बता रहे हैं।प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री औलख ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वी बी जी राम जी विधेयक 2025 पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विधेयक ग्रामीण भारत के रोजगार ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है और अब यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का स्थान लेगा। औलख ने कहा कि इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को अब प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिन की बजाय 125 दिनों का अकुशल श्रम कानूनी गारंटी के रूप में मिलेगा, जिससे ग्रामीण मजदूरों की आय में बढ़ोतरी होगी और पलायन पर भी रोक लगेगी।मंत्री औलख ने योजना के पांच प्रमुख बदलावों को रेखांकित करते हुए बताया कि रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, योजना का कवरेज सशर्त और लक्षित होगा और यह केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी। इसके अलावा योजना के खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें 60रू40 के अनुपात में साझा करेंगी, जिससे वित्तीय जिम्मेदारी का संतुलन बनेगा। ग्राम पंचायत की योजनाओं को स्पेशियल टेक्नोलॉजी और प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। साथ ही कृषि सीजन का सम्मान करते हुए बुवाई और कटाई के व्यस्त समय में राज्य सरकारों को योजना को 60 दिनों तक रोकने का अधिकार भी दिया गया है।योजना के नाम में ‘राम’ शब्द शामिल होने पर मंत्री औलख ने कहा कि राम केवल एक नाम नहीं बल्कि ग्रामीण कल्याण, त्याग और सेवा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के वास्तविक कल्याण को सुनिश्चित किया जाएगा। औलख ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में कई खामियां थीं, जिन्हें दूर कर इस नई योजना को विकसित भारत/2047 की परिकल्पना से जोड़ा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता रहेगा।
