जयसिंहपुर। कड़ाके की ठंड के बावजूद जयसिंहपुर तहसील परिसर में अलाव की कोई व्यवस्था न होने से वकीलों, फरियादियों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर वकीलों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है।
तहसील में रोजाना अपने कार्यों के लिए दूर-दराज से आने वाले लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही तहसील परिसर में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था नहीं की गई तो आम जनता की परेशानियां और बढ़ेंगी, साथ ही प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े होंगे।
पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तहसील परिसर में एक भी स्थान पर अलाव नहीं जलवाया गया है। मजबूरी में वकीलों को टूटी-फूटी लकड़ियां और पुरानी बेंच-कुर्सियां इकट्ठा कर स्वयं अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां अधिकारी अपने कमरों में हीटर लगाकर आराम कर रहे हैं, वहीं आम फरियादी और कर्मचारी ठंड से जूझ रहे हैं।
वहीं बार संगठन जयसिंहपुर के महासचिव देवानंद पांडे ने बताया कि भीषण ठंड के बावजूद प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। तहसील परिसर में न तो अलाव की व्यवस्था है और न ही ठंड से बचाव के लिए कोई वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालात ऐसे हैं कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को स्वयं टूटे फर्नीचर जलाकर ठंड से बचाव करना पड़ रहा है।
लोगों ने प्रशासन से शीघ्र संज्ञान लेकर तहसील परिसर में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि वकीलों, फरियादियों और कर्मचारियों को ठंड से राहत मिल सके।
