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प्रतापगढः मानवता की मिसाल हैं समीक्षा अधिकारी शांडिल्य दुर्गेश


प्रयागराज/प्रतापगढ़। श्परहित सरिस धर्म नहिं भाईश् को अपना ध्येय वाक्य मानने वाले समीक्षा अधिकारी शांडिल्य दुर्गेश इस कड़ाके की ठण्ड में देवदूत के रुप में मदद कर रहें हैं।जब कोई बेबस नजर आता है तो आशा की किरण शांडिल्य दुर्गेश के तरफ से ही दिखती है।हॉस्पिटल में एडमिट करवाना हो,कैंसर पीड़ितों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराना हो,जरूरतमंद के लिये ब्लड की व्यवस्था करवाना हो,अनाथ कन्या के विवाह में आर्थिक मदद कराना हो या किसी असाध्य बीमारी में मुख्यमंत्री राहतकोष से मदद दिलवाना इत्यादि उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है।प्रतापगढ़ जनपद के मूल निवासी व प्रयागराज में पदस्थ समीक्षा अधिकारी शांडिल्य दुर्गेश की नर सेवा-नारायण सेवा व माँ असहाय सेवा समिति की टीम इस कड़ाके की ठण्ड में प्रयागराज क्षेत्र में कम्बल सेवा हेतु देवदूत के रूप में कार्य कर रही है,इससे प्रेरित होकर अन्य जनपदों में भी लोग इस तरह की कम्बल सेवा प्रारम्भ किये हैं।यह टीम सेवा व विनम्रता के भाव के साथ प्रयागराज में प्रतिदिन रात में सड़क,फुटपाथ,नाला व पार्क के किनारे ठण्ड से ठिठुर रहे दीन-हीन-असहायों को ढूँढकर-खोजकर कम्बल के माध्यम से सेवा करके उन्हें ठण्ड से बचाती है।टीम इन असहायों को खाने के लिये ब्रेड,बिस्किट,फल तथा ठण्ड से बचाव के लिये ऊनी कपड़े देती है साथ ही साथ उन्हें नशाखोरी से बचने के लिये जागरूक भी करती है।मानवता व विनम्रता को मनुष्य का आभूषण मानने वाले श्री शांडिल्य इस कम्बल सेवा हेतु सोशल मीडिया फेसबुक,व्हाट्सअप आदि के माध्यम से एक सामूहिक आह्वान करते हैं और लोग जुड़ते चले जाते हैं।इस नेक कार्य में उनके मित्र,शुभेच्छु,प्रशासनिक अधिकारीगण सहित टीम से जुड़े सभी लोग तन-मन-धन से सहयोग करते हैं।यह कम्बल सेवा विगत दस वर्षों से चल रही है व प्रतिवर्ष पंद्रह दिन तक चलती है।इस वर्ष 1000 कम्बल सेवा का लक्ष्य निर्धारित है।प्रयागराज में शांडिल्य दुर्गेश के टीम के इस अनुकरणीय कार्य की सभी लोग प्रशंसा कर रहें हैं व इसे मानवता की अनूठी मिशाल बता रहें हैं।

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