पीएम मोदी ने रखी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला, दो अमृत भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
January 18, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे हैं। रविवार को उनके असम दौरे का दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने असम में 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस एलिवेटेड कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद इलाके में कनेक्टिविटी बहुत सुधर जाएगी। इसका असर ये होगा कि काजीरंगा नेशनल पार्क में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार-औद्योगिक विकास के लिए नए रास्ते खुलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा और नए मौके भी पैदा होंगे। इससे क्षेत्र आर्थिक रूप से काफी तरक्की करेगा। बता दें कि एक महीने से भी कम समय में पीएम मोदी का पूर्वोत्तर राज्य का यह दूसरा दौरा है।
पीएम मोदी ने इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज फिर काजीरंगा आने का सौभाग्य मिला है। ऐसे में मुझे अपनी पिछली यात्रा याद आना बहुत स्वाभाविक है। दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल मेरे जीवन के बहुत खास अनुभवों में शामिल हैं। मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम का अवसर मिला था, और अगले दिन एलिफेंट सफारी के दौरान मैंने इस क्षेत्र की सुंदरता को बहुत करीब से महसूस किया था। मुझे हमेशा असम आकर एक अलग ही खुशी मिलती है। कल मुझे गुवाहाटी में बागुरुम्बा कार्यक्रम देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बोडो समुदाय की प्रतिभाशाली बेटियों ने बागुरुम्बा नृत्य से एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस अनूठे और ऊर्जावान प्रदर्शन में 10,000 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया और सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मुंबई जो दुनिया की बड़ी निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार बीजेपी को जनादेश दिया। जीत मुंबई में हो रही है, जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी को सेवा का अवसर दिया है। इससे पहले सूदूर दक्षिण में केरल की जनता ने बीजेपी को बहुत बड़ा समर्थन दिया है। वहां पहली बार बीजेपी का मेयर बना है। बीते कुछ समय में जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं उनका जनादेश स्पष्ट है। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है। वो विकास और विरासत दोनों को पसंद करता है, इसलिए वो बीजेपी को पसंद करता है। इन चुनावों का एक और संदेश है। कांग्रेस की निगेटिव पॉलिटिक्स को देश लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था वहां आज चौथे और पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है। जहां सालों तक शासन किया वहां कांग्रेस पूरी तरह सिमट गई है।
एक महीने पहले, मैंने विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए इस क्षेत्र का दौरा किया था। गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार किया गया है, और मुझे इसके नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके अलावा, मैंने नामरूप में अमोनिया-यूरिया परिसर की आधारशिला रखी। ये सभी पहलें भाजपा के मार्गदर्शक सिद्धांत "विकास भी, विरासत भी" को सुदृढ़ करती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि काजीरंगा केवल एक National Park नहीं है, ये असम की आत्मा है। ये भारत की biodiversity का एक अनमोल रत्न है। यूनेस्को ने इसे World Heritage Site का दर्जा दिया है। जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। होमस्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक, एक सोच यह बनी रही कि प्रकृति और प्रगति एक-दूसरे के विपरीत हैं, कहा जाता था कि ये दोनों साथ नहीं चल सकते। लेकिन आज भारत दुनिया को दिखा रहा है कि ये दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। इकोनॉमी भी, इकोलॉजी भी। बाढ़ के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए, कालियाबोर से नुमालीगढ़ तक 90 किलोमीटर लंबा एक गलियारा लगभग 7,000 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया जा रहा है। इस परियोजना में वन्यजीवों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया 35 किलोमीटर का एक ऊंचा खंड शामिल है, जिससे वाहन नीचे जानवरों की आवाजाही को बाधित किए बिना ऊपर से गुजर सकते हैं। एक समय था जब काजीरंगा में गैंडों का अवैध शिकार असम के लिए एक बड़ी चिंता का विषय था। 2013-14 में दर्जनों एक सींग वाले गैंडों को मार डाला गया था। भाजपा सरकार ने इसे रोकने का संकल्प लिया और सुरक्षा उपायों को मजबूत करते हुए वन विभाग को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए। वन दुर्गा पहल के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। परिणामस्वरूप, 2025 तक गैंडों के अवैध शिकार की कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। इस उपलब्धि के लिए जनता और सरकार दोनों प्रशंसा के पात्र हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि असम इस समय एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। यह असम की पहचान और संस्कृति को बचाने की चुनौती है। जिस तरह असम में बीजेपी सरकार घुसपैठ से निपट रही है, हमारे जंगलों को बचा रही है, हमारी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक इमारतों को बचा रही है, और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कर रही है, उसकी बहुत तारीफ़ हो रही है। कांग्रेस ने सिर्फ सरकारें बनाने और कुछ वोट पाने के लिए असम की मिट्टी को घुसपैठियों को सौंप दिया गया। कांग्रेस ने दशकों तक असम में सरकार बनाई और इस दौरान घुसपैठ बढ़ती गई। कांग्रेस की एक ही रीति है, घुसपैठियों को बचाओ, घुसपैठियों की मदद से सत्ता पाओ। पूरे देश में कांग्रेस और उसके साथी यही कर रहे हैं। बिहार में भी इन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्राएं निकालीं, रैलियां निकालीं, लेकिन बिहार की जनता ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। अब असम की जनता की बारी है। मुझे विश्वास है कि असम की धरती से भी कांग्रेस को करारा जवाब मिलेगा।
