गाजीपुर: मृदा परीक्षण के बाद ही कृषक करें उर्वरक का प्रयोग - मुख्य विकास अधिकारी
January 08, 2026
गाजीपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, उर्वरक विभाग के संयुक्त अर्धशासकीय आदेश दिनांक 07-08-2025 के द्वारा उर्वरकों के अंधाधुंधध्अत्यधिक प्रयोग को नियंत्रित करने तथा औद्योगिक इकाइयों में अवैध परिसंचलन, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग एवं तस्करी को रोकने के साथ ही मृदा स्वास्थ्य में अनुकूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से ष्धरती माता बचाओं अभियान के अन्तर्गत दिनांक 07.01.2026 को जिला स्तरीय समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में अपरान्ह 01.30 बजे आहूत की गयी। सर्वप्रथम मुख्य विकास अधिकारी, गाजीपुर द्वारा जनपद में उर्वरक की समीक्षा की गयी एवं कृषकों से अपील की गयी कि उर्वरक का उपयोग संतुलित मात्रा में किया जाय। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समिति द्वारा 100 ग्राम पंचायतों का चयन किया जायेगा जहां पर रासायनिक उर्वरकों का उपयोग अधिक हुआ है। इन गांवों में और अधिक ठोस प्रयास किये जायेगे और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक इन गांवों में दौरा करेगे एवं ग्राम पंचायत में बैठक कर कृषकों को जागरूक करेगे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समिति के सदस्यों को निर्देशित किया गया कि उर्वरक के अवैध उपयोग व उर्वरक के गैर कानूनी नूनी डायवर्जन पर कड़ी निगरानी रखी जाये एवं दोषी उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सम्पादित की जाये व समिति के सदस्य उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करेगे, जनपद के जिस स्थान पर उर्वरक की कमी होगी वहां पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करायेगे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कृषकों से अनुरोध किया गया कि मृदा परीक्षण कराकर जरूरत के अनुसार ही उर्वरक का उपयोग करें। रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं संस्तुत मात्रा में प्रयोग करने से फसलों की उत्पादकता प्राप्त होने से कृषकों की आय में वृद्धि होगी। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी व कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा० वी० के० सिंह एवं उर्वरक कम्पनियों के प्रतिनिधि व इफकों के एरिया मैनेजर सचिन तिवारी उपस्थित थे।
