रामसनेही घाट/ बाराबंकी । रामसनेहीघाट क्षेत्र के कस्बा सुमेरगंज में नगर पंचायत की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बूढ़े हनुमान मंदिर के पास खुले पड़े नाले में गिरकर पांच मासूम पिल्लों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार सुबह हुई इस घटना ने न केवल क्षेत्रवासियों को झकझोर दिया, बल्कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों दीपक, विवेक और कुलदीप ने बताया कि उक्त नाला लंबे समय से कई स्थानों पर खुला पड़ा है। न तो उस पर ढक्कन लगाया गया और न ही किसी प्रकार का चेतावनी संकेत लगाया गया। बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत ने कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा आज इन बेजुबान मासूमों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अधिकारियों के साथ-साथ जीवोत्थान सेवा समिति और श्री गोपाल जी गौ सेवा नारायण सेवा ट्रस्ट को भी अवगत कराया गया। जीवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष विवेक सूर्यवंशी और गौ सेवा टीम मौके पर पहुंची और नगर पंचायत की लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया।
विवेक सूर्यवंशी ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कहा कि यदि समय रहते नालों को ढक दिया गया होता तो यह हृदयविदारक घटना नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार चैधरी ने बताया कि नगर कर्मियों को तत्काल मौके पर भेजकर नाले में गिरे पिल्लों को बाहर निकलवाया गया और उनका विधिवत अंतिम संस्कार कराया गया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र में खुले पड़े सभी नालों पर तुरंत ढक्कन लगाए जाएं। साथ ही भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों और पशु प्रेमियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। बेजुबान जानवरों की जान की कीमत पर नगर पंचायत की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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