अमेठी में शाहमऊ जनापुर गंगागढ आगौना जल निगम पानी की कार्यशैली पर पानी पाइप लाइन पर उठ रहे कई सवाल- जिम्मेदार मौन
जायस /अमेठी। अमेठी जनपद के तिलोई तहसील के जनापुर गांव में जल निगम की कार्यप्रणाली अब सवालों के दायरे में नहीं,बल्कि कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। ग्रामीण इलाकों की सड़कों के बीचो-बीच जगह-जगह पाइपलाइन लीकेज इस बात का सबूत बन चुके हैं कि “हर घर जल” की योजना कागजों में तो बह रही है, लेकिन जमीन पर पानी सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक लीकेज ठीक किया जाता है तो दो नई जगहों से पानी फूट पड़ता है, मानो मरम्मत नहीं, सिर्फ दिखावा किया जा रहा हो। आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी स्थायी समाधान की बजाय अस्थायी पैबंद लगाकर सरकारी धन की खानापूर्ति कर रहे हैं। नतीजाकृनलों में पानी नहीं, लेकिन सड़कें तालाब बनी हुई हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि सड़कों पर हर समय पानी भरा रहने से गड्ढे बन चुके हैं, राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है और दोपहिया-चारपहिया वाहन चालकों के लिए हर सफर जोखिम भरा बन गया है। ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की मजबूरी बन चुकी है। बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह होने की आशंका है सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकियां और बिछाई गई पाइपलाइन आखिर किस काम की हैं क्या यही विकास हैकृजहां पानी पीने को नहीं और सड़कें पानी में डूबी हों यह मामला सिर्फ जल निगम तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार और निगरानी तंत्र पर भी सीधे सवाल खड़े करता है।क्या मरम्मत के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट हो रही है क्या जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और क्या जनता की परेशानी यूं ही नजरअंदाज होती रहेगी अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर सरकारी योजनाएं कागजों में चलती रहेंगी और जमीनी हकीकत में जनता यूं ही परेशान होती रहेगी।
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