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बाराबंकी: पसमांदा मुसलमानों के साथ सबसे बड़ा छल - वसीम राईन


बाराबंकी । ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने नकली सेकुलर पार्टियों और ।प्डप्ड पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों ने पसमांदा मुसलमानों को केवल वोट बैंक समझकर इस्तेमाल किया और बदले में उन्हें नेतृत्व, सम्मान और हक से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि हिंदू नेतृत्व पसमांदा समाज के लिए इन तथाकथित सेकुलर दलों से कहीं बेहतर साबित हुआ है।सट्टी बाजार स्थित कार्यालय पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वसीम राईन ने कहा कि वर्षों तक पसमांदा समाज को सत्ता, सदन और संगठनकृतीनों से दूर रखा गया। समाज का कोई नेतृत्व खड़ा न हो सके, इसके लिए जानबूझकर रास्ते रोके गए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टियों ने नफरत और भेदभाव की सारी सीमाएं लांघ दीं।उन्होंने पंजा छाप पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि नेहरू सरकार द्वारा अनुच्छेद 341 के तहत धार्मिक प्रतिबंध लगाकर पसमांदा मुसलमानों को दलितों से भी बदतर स्थिति में धकेल दिया गया। पसमांदा समाज ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में चुप्पी साधे रखी, जो सबसे बड़ी भूल साबित हुई। आज भी जब पसमांदा के हक और बुनियादी जरूरतों की बात आती है, तो यही दल सबसे पीछे खड़े नजर आते हैं।

।प्डप्ड नेतृत्व पर निशाना साधते हुए वसीम राईन ने कहा कि इस पार्टी ने भी पसमांदा मुसलमानों को सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल किया। न राज्यसभा में भेजा, न संगठन में जगह दी, सिर्फ दरी बिछवाकर काम चलाया गया। 2024 के चुनाव में भी पसमांदा को उम्मीदवार तक नहीं बनाया गया।उन्होंने कहा कि आज पसमांदा समाज निराश है, लेकिन 2027 में वही दल समर्थन पाएगा जो हिस्सेदारी देगा। बिना वोट लिए प्रधानमंत्री द्वारा पसमांदा समाज की बात किए जाने से राष्ट्रवादी पसमांदा मुसलमानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष निसार राईन, मीडिया प्रभारी सररुख राईन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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