अमेठीः मानवता करुणा और निःस्वार्थ सेवा भाव का प्रेरणादायक दिखा संगम! खिचड़ी भोज एवं कंबल वितरण कार्यक्रम संपन्न
January 18, 2026
अमेठी। स्वामी परमहंस आश्रम, अमेयमाफी की पावन धरती पर आज मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा भाव का प्रेरणादायक संगम देखने को मिला। सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट एवं परमार्थ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित खिचड़ी भोज एवं कंबल वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को सेवा, सम्मान और आत्मीयता प्रदान की गई। इस पुनीत सेवा आयोजन में मुख्य अतिथि श्री प्रकाश जी (विभाग प्रचारक) एवं श्री पवन जी (जिला प्रचारक) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का नेतृत्व सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट की अध्यक्ष रानी शाम्भवी सिंह एवं पूर्व विधायक महारानी गरिमा सिंह के सुपुत्र राजकुमार श्री अनंत विक्रम सिंह जी ने किया। इन चारों की उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक, वैचारिक एवं मानवीय दृष्टि से विशेष ऊँचाई प्रदान की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बहुरानी शाम्भवी सिंह ने कहा कि सेवा किसी पद या पहचान की मोहताज नहीं होती, यह वह संस्कार है जो इंसान को इंसान से जोड़ता है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान नहीं आती, तब तक हमारा दायित्व समाप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट का संकल्प है कि पीड़ा, अभाव और असहायता के विरुद्ध सेवा की यह मशाल निरंतर जलती रहे। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों से सेवा को जीवन का स्थायी संकल्प बनाने का आह्वान किया।वहीं युवराज श्री अनंत विक्रम सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा सेवा, त्याग और समर्पण में निहित है। खिचड़ी भोज और कंबल वितरण जैसे आयोजन केवल राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में अपनत्व, सम्मान और समरसता का भाव जागृत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर जरूरतमंद के साथ खड़ा होता है, तभी सच्चे अर्थों में राष्ट्र और मानवता सशक्त बनती है। मुख्य अतिथियों ने भी अपने संबोधन में सेवा को सामाजिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। ठंड से ठिठुरते जरूरतमंदों को कंबल वितरण एवं खिचड़ी भोज के माध्यम से न केवल शारीरिक राहत मिली, बल्कि उन्हें अपनत्व, सम्मान और मानवीय संवेदना का अनुभव भी हुआ।
